बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर परिसर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर लगेगी रोक, BKTC का ऐलान
क्या है खबर?
उत्तराखंड में स्थित हिंदुओं के चार धामों में शामिल बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर समेत अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में अब जल्द ही गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगने वाली है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने सोमवार को ऐलान किया है कि गैर-हिंदुओं के बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम और उसके नियंत्रण वाले अन्य मंदिरों में प्रवेश पर जल्द ही रोक लगा दी जाएगी। इस संबंध में BKTC की आगामी बोर्ड बैठक में औपचारिक रूप से प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
बयान
BKTC अध्यक्ष ने क्या दिया बयान?
BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। केदार खंड से लेकर मानस खंड तक स्थापित मंदिर श्रृंखला में परंपरागत रूप से गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहा है, लेकिन गैर-भाजपा सरकारों के समय राज्य की हिंदु परंपराओं का उल्लंघन होता रहा है। उन्होंने कहा कि परंपराओं का विधिवत अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाये जायेंगे और गैर-हिंदुओं का प्रवेश फिर से रोका जाएगा।
सराहना
द्विवेदी ने की मुख्यमंत्री के निर्देशों की सराहना
द्विवेदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देश में प्रदेशभर में अवैध मजारों को हटाने की कार्रवाई की भी सराहना की। उन्होंने इसे उत्तराखंड की धार्मिक अस्मिता, सांस्कृतिक विरासत और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) और कठोर नकल विरोधी कानून और जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार जैसी योजनाओं से जनता का सरकार पर विश्वास बढ़ा है।
कपाट
23 अप्रैल को दोबारा खुलेंगे ब्रदीनाथ धाम के कपाट
इस बीच, उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 6 महीने के शीतकालीन अवकाश के बाद 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए फिर से खुल जाएंगे। मंदिर के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह घोषणा की है। द्विवेदी ने कहा कि बसंत पंचमी के अवसर पर टिहरी जिले के नरेंद्र नगर स्थित टिहरी रॉयल पैलेस में पारंपरिक प्रार्थनाओं और अनुष्ठानों के बाद मंदिर के द्वारा दोबारा खोलने के लिए शुभ तिथि और समय निर्धारित किया गया था।