उत्तराखंड सरकार और निहंग सिखों के बीच क्यों हो रहा है विवाद? जानें पूरी कहानी
क्या है खबर?
बीते कुछ दिनों से उत्तराखंड की सरकार और निहंग सिखों के बीच लगातार विवाद की खबरें आ रही हैं। बीती रात भी पंजाब के सैकड़ों निहंग सिख जबरन उत्तराखंड में घुसने की कोशिश करने लगे। इन्हें रोकने के लिए पुलिस ने भारी बैरिकैडिंग की। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण बनी रही और निहंगों ने कई वाहनों को भारी नुकसान पहुंचाया। फिलहाल उत्तराखंड की सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। आइए पूरा विवाद समझते हैं।
शुरुआत
कैसे हुई विवाद की शुरुआत?
पूरे विवाद की शुरुआत 16 जून को हुई थी। तब कर्णप्रयाग में निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच वाहन टकराने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इस दौरान निहंगों ने तलवार मारकर 4 स्थानीय युवकों को घायल कर दिया। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस ने FIR दर्ज कर पंजाब के मोहाली के रहने वाले 4 निहंगों को गिरफ्तार कर लिया था। इसी से बाकी निहंग भड़क गए और साथियों की रिहाई के लिए मोर्चा खोल दिया।
गुरुद्वारा
निहंगों ने गुरुद्वारे में 2 लोगों को बंधक बनाया
20 जून को निहंग सिखों ने रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे पर कब्जा कर लिया। उन्होंने 2 लोगों को बंधक बना लिया और गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए। बाद में एक बंधक को रिहा कर दिया। निहंगों ने बातचीत के लिए आए अधिकारियों को भी धमकी देते हुए कहा कि छत पर आए तो काट देंगे। अहतियात के तौर पर प्रशासन ने इंटरनेट भी बंद किया। 4 दिन बाद इस विवाद का समाधान हुआ और निहंग छत से उतरे।
ट्विटर पोस्ट
कुल्हाल सीमा पर भारी बल तैनात
VIDEO | Security forces deployed at the Kulhal check post on the Uttarakhand-Himachal Pradesh border after Nihang-police standoff.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 26, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/OOjj86DgUd
मांगें
क्या हैं निहंगों की मांगें?
निहंगों की अहम मांग कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार किए गए 4 लोगों को छोड़ने की है। उनका कहना है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की। कर्णप्रयाग मामले में दर्ज FIR रद्द की जाए। उत्तराखंड पुलिस सुनिश्चित करे कि हेमकुंड साहिब आने वाले सिखों को सुरक्षा मिले। गिरफ्तार सिखों को बिना पगड़ी के कोर्ट में पेश करने पर भी विवाद हुआ। निहंग इस बात पर भी नाराज हैं कि कर्णप्रयाग मामले में स्थानीय लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
पिछली रात
बीती रात को क्या हुआ?
बीती रात मोहाली के सोहाना गुरुद्वारा साहिब से निहंगों ने उत्तराखंड की ओर कूच किया। कुल्हाल सीमा पर उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान निहंगों ने तलवारें लहराईं और वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की। कुछ निहंग दूसरे रास्तों से देहरादून के प्रेम नगर पहुंच गए, जिन्हें सुबह वापस भेजा गया। प्रशासन ने भारी बल तैनात कर स्थिति संभाली। रातभर चली बातचीत के बाद निहंगों को हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब लौटया गया।
बयान
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बोले- सभी विभाग सतर्क
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और अर्थव्यवस्था का अहम आधार है। सरकार यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सुचारू यात्रा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।" फिलहाल सीमा पर उत्तराखंड पुलिस और ITBP के जवान तैनात किए गए हैं। हर वाहन की सघन जांच की जा रही है।