राम रहीम को बार-बार क्यों मिल रही जमानत? 2017 के बाद से 405 दिन रहा बाहर
क्या है खबर?
बलात्कार और हत्या के दोषी डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर है। इस बार वह डेरा के दूसरे उत्तराधिकारी शाह सतनाम महाराज की जयंती के लिए 40 दिन पैरोल पर है। राम रहीम को पिछले कुछ सालों से लगातार मिल रही पैरोल-फरलो चर्चा का विषय है। वर्ष 2017 में सजा के बाद से वह 405 दिन बाहर रहा है। आखिर कारण क्या है राम रहीम की राहत का? आइए, जानते हैं।
सरकार
सरकार के आदेश से आया बाहर
राम रहीम को पिछले साल 5 अगस्त को 40 दिन की पैरोल मिली थी। तब उसका 15 अगस्त को जन्मदिन था। सितंबर को वह जेल में गया और अब जनवरी में सोमवार को फिर बाहर आ गया। इस बार आधिकारिक कारण शाह सतनाम सिंह की 25 जनवरी को जयंती है और इसके लिए रोहतक संभागीय आयुक्त ने आदेश को मंजूरी दी है। अब 25 को सिरसा परिसर में सत्संग और एक बड़े सामुदायिक भोज सहित पूरे महीने धार्मिक कार्यक्रम चलेगा।
आपत्ति
चुनावों में भी मिलती रही जमानत
राम रहीम को सिर्फ किसी खास मौके पर जमानत नहीं मिल रही, बल्कि चुनावों में भी उनको जेल से बाहर लाया जाता है, जो संदेह बढ़ाता है। उनको हरियाणा विधानसभा चुनाव, निकाय चुनाव, पंजाब विधानसभा चुनाव और यहां तक कि हरियाणा उपचुनाव में भी जमानत मिल चुकी है। उनके डेरा अनुयायियों को हरियाणा-पंजाब दोनों राज्यों में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली वोट बैंक माना जाता है, ऐसे में हरियाणा सरकार के आदेश से भाजपा को फायदा होने की संभावना बढ़ती है।
आपत्ति
आखिर क्यों मिल रही है बार-बार राहत?
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने बार-बार राम रहीम की रिहाई पर आपत्ति जताई है और तर्क दिया कि इस तरह बार-बार पैरोल देने से दोषसिद्धि की गंभीरता कम हो जाती है और न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास कमजोर होता है। हालांकि, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने 2024 में और सु्प्रीम कोर्ट ने 2025 में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि हरियाणा सरकार को कानून के तहत अस्थायी रिहाई देने का अधिकार है।
वकील
राम रहीम के वकील का क्या कहना है?
राम रहीम के वकील के मुताबिक, पैरोल हर दोषी का वैधानिक अधिकार है और एक कैदी को साल में अधिकतम 70 दिन की पैरोल और 21 दिन की फरलो मिलती है। उन्होंने बताया कि यह सुविधा राम रहीम के साथ राज्य के 6,000 अन्य कैदी को भी मिलती है। पैरोल अदालतों द्वारा नहीं बल्कि सजा समीक्षा बोर्ड द्वारा मिलती है, और इसका मूल्यांकन कैदी के आचरण पर होता है। दो पैरोल के बीच 6 महीने का अनिवार्य अंतराल आवश्यक है।
जमानत
राम रहीम को जल्दी-जल्दी मिल रही राहत
राम रहीम को 2017 में सजा होने के बाद 2020 में पैरोल-फरलो मिलने का क्रम शुरू हुआ है, जो जल्दी-जल्दी जारी है। अक्टूबर 2020 में 1 दिन, 21 मई 2021 को 1 दिन, 7 फरवरी 2022 को 21 दिन, जून 2022 को 1 महीने, अक्टूबर 2022 को 40 दिन पैरोल मिली थी। जनवरी 2024 को 60 दिन की पैरोल मिली। पिछले साल जनवरी 2025 में 30 दिन, अप्रैल में 21 दिन, अगस्त में 40 दिन की राहत मिली थी।
सजा
किस मामले में सजा काट रहा राम रहीम?
राम रहीम को सिरसा स्थित आश्रम में महिला शिष्याओं के साथ रेप के आरोप में 20 साल की सजा मिली है। पंचकूला की विशेष केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कोर्ट ने अगस्त, 2017 में मामले में उसे दोषी ठहराया था। इसके अलावा डेरा के पूर्व प्रबंधक रणजीत सिंह और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में उसे उम्रकैद हुई है। पत्रकार को 2002 में गोली मारी गई थी। उन्होंने अपने अखबार 'पूरा सच' में रेप की खबर प्रकाशित की थी।