
CDS जनरल बिपिन रावत के हेलीकॉप्टर क्रैश में जिंदा बचा एकमात्र शख्स कौन है?
क्या है खबर?
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित 13 लोगों की बुधवार को तमिलनाडु के कुनूर में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई है।
वायुसेना ने बताया कि CDS रावत वायुसेना के Mi 17V5 हेलिकॉप्टर में सवार होकर सुलुर से वेलिंगटन स्थित डिफेंस सर्विस स्टाफ कॉलेज में संबोधन देने जा रहे थे।इस हादसे में एकमात्र शख्स जिंदा बचा हुआ है।
यहां जानते हैं कि आखिर कौन है जिंदा बचा शख्स।
जानकारी
हादसे में जिंदा बचे हुए हैं ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह
वायुसेना की ओर से कहा गया है कि इस हादसे में जिंदा बचा एकमात्र शख्स ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह हैं। वह बुरी तरह झुलसे हुए हैं और उनका DSSC में डायरेक्टिंग स्टाफ वेलिंगटन के सैन्य अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। सभी चिकित्सक उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं।
वायुसेना के अधिकारियों ने कहा कि इस हादसे में ग्रुप कैप्टन सिंह का बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है। उनके बचाने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
सम्मान
शौर्य चक्र से सम्मानित हो चुके हैं ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह
बता दें कि हादसे में बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को उनकी बहादुरी के लिए इस साल स्वतंत्रता दिवस पर शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था।
उन्होंने 2020 में एक आपात स्थिति के दौरान अपने कौशल और साहत का परिचय देते हुए अपने LCA तेजस लड़ाकू विमान को क्रैश होने से बचाया था।
इसके बाद उनका नाम शौर्य चक्र के लिए चयनित किया गया था। इस समय पूरा देश उनकी सलामती की दुआ कर रहा है।
सवार
CDS जनरल रावत के साथ ये लोग भी थे हेलीकॉप्टर में सवार
सेना के सूत्रों के अनुसार, विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान Mi-17V5 के पायलट थे। वह 109 हेलीकॉप्टर यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर थे।
वह हेलीकॉप्टर से दिल्ली से सुलुर आए CDS जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत, ब्रिगेडियर एलएस लिड्डर, लेफि्टनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, नायक गुरसेवक सिंह, जितेंद्र सिंह, लांस नायक विवेक कुमार, बी साई तेजा और हवलवार सतपाल सिंह सहित 14 लोगों को लेकर सुलुर से वेलिंगटन के लिए रवाना हुए थे।
हेलिकॉप्टर हादसा
दोपहर 12:20 मिनट के करीब हुआ हादसा
दिल्ली से उड़ा विमान करीब 11.35 मिनट पर सुलुर एयरबेस पर पहुंचा था। 10 मिनट बाद यहां से ये सभी लोग वायुसेना के Mi 17 V5 हेलिकॉप्टर में सवार होकर करीब 94 किलोमीटर दूर वेलिंगटन के लिए उड़े थे।
सुलुर से इन नौ लोगों के साथ ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह एससी और चालक दल के चार सदस्य सवार हुए थे। करीब 12:20 मिनट पर यह कट्टेरी इलाके के पास यह हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
बयान
आग का गोला बन गया था हेलीकॉप्टर- चश्मदीद
घटनास्थल के पास रहने वाले कृष्णास्वामी ने बताया, "मैंने पहले एक तेज आवाज सुनी। क्या हुआ है, ये देखने के लिए जब मैं बाहर आया तो मैंने हेलीकॉप्टर को एक पेड़ से क्रैश होते हुए देखा। ये एक बड़ा आग का गोला बन गया और फिर दूसरे पेड़ से जा टकराया। मैंने दो-तीन लोगों को हेलीकॉप्टर से गिरते हुए देखा। वे पूरी तरह से जले हुए थे। फिर मैंने मदद के लिए इलाके में रहने वाले लोगों को बुला लिया।"
क्या आप जानते हैं?
देश के पहले CDS थे जनरल रावत
दिसंबर, 2016 में थल सेनाध्यक्ष बनने वाले जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ हैं। सेनाध्यक्ष पद से रिटायर होने के बाद उन्होंने 1 जनवरी, 2020 को तीन साल के लिए CDS पद संभाला था।
करियर
1978 में सेना से जुड़े थे जनरल रावत
शिमला के सेंट एडवर्ड स्कूल से पढ़े जनरल बिपिन रावत खड़कवासला राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) से प्रशिक्षित थे।
सेना के साथ उनके सफर की शुरूआत दिसंबर 1978 में हुई, जब वो 11वीं गोरखा राइफल्स की पांचवीं बटालियन के साथ जुड़े। वो 'स्वॉर्ड ऑफ हॉनर' से सम्मानित थे।
जनरल रावत पूर्वी सेक्टर में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LOAC) के पास इनफ्रेंट्री बटालियन और कश्मीर घाटी इनफेंट्री डिविजन की कमान संभाल चुके थे।