SPG-CRPF में रहे, वीरप्पन को मारा; कौन हैं 'पद्मश्री' से सम्मानित होने जा रहे विजय कुमार?
क्या है खबर?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के पूर्व महानिदेशक के विजय कुमार को 25 मई को 'पद्मश्री' पुरस्कार से सम्मानित करेंगी। तमिलनाडु कैडर के 1975 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी विजय ने अपने करियर के दौरान कई उग्रवाद और आतंकवाद-रोधी अभियानों का नेतृत्व किया है। वे साल 2012 में सेवानिवृत्त हुए थे। आइए विजय के बारे में जानते हैं।
शुरुआती जीवन
IAS के लिए भी चुने गए थे विजय
15 सितंबर, 1952 को जन्मे विजय ने पुलिस सेवा में शामिल होने से पहले सेंट जोसेफ कॉलेज और मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज में पढ़ाई की। वे 1976 में IAS के लिए भी चयनित हुए, लेकिन उन्होंने पुलिस सेवा को चुना। लगभग 5 दशक लंबे करियर के दौरान उन्होंने चेन्नई के पुलिस आयुक्त, CRPF के महानिदेशक और केंद्रीय गृह मंत्रालय में वामपंथी उग्रवाद और जम्मू-कश्मीर मामलों के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार सहित कई अहम पदों पर काम किया।
अभियान
कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को मारने में रही अहम भूमिका
विजय जंगल युद्ध और उग्रवाद-रोधी अभियानों में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं। CRPF महानिदेशक रहते हुए नवंबर, 2011 में पश्चिम बंगाल में CRPF की कोबरा यूनिट के कमांडो ने माओवादी नेता किशनजी को मार गिराया था। वह तमिलनाडु पुलिस के उस विशेष कार्य बल के भी प्रमुख रहे, जिसने कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को मार गिराया था। इसे 'ककून अभियान' कहा जाता है। विजय ने इस अभियान पर एक किताब भी लिखी है।
सुरक्षा
राजीव गांधी की सुरक्षा में भी रहे तैनात
विजय को अक्सर "सुपर कॉप" नाम से भी पुकारा जाता है। उन्होंने VIP लोगों की सुरक्षा के लिए बने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) में भी सेवाएं दी हैं। वे दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सुरक्षा में तैनात रहे थे। इसके बाद उन्होंने तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता के लिए स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप (SSG) का गठन किया और उसका नेतृत्व किया। वह जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के सलाहकार के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं।
सम्मान
113 शख्सियतों को मिलेगा 'पद्मश्री'
74 वर्षीय विजय इस साल के 113 'पद्मश्री' प्राप्तकर्ताओं में शामिल हैं। इस बार पद्म पुरस्कारों के लिए 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 84 जिलों के लोगों को चुना गया है। #PeoplesPadma के तहत सरकार ने बड़े शहरों के चर्चित चेहरों से ध्यान हटाकर दूरदराज इलाकों की प्रतिभाओं और जमीनी स्तर पर काम कर रहे लोगों को प्राथमिकता दी है। 'पद्मश्री' के अलावा 5 हस्तियों को 'पद्म विभूषण' और 13 हस्तियों को 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया जाएगा।