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कौन हैं एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, जो बने भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख?
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित बने भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख

कौन हैं एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, जो बने भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख?

लेखन गजेंद्र
Oct 06, 2026
07:33 pm

क्या है खबर?

भारतीय वायुसेना (IAF) के एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को मंगलवार को वायुसेना का नया प्रमुख नियुक्त किया गया। उनका कार्यकाल 31 अक्टूबर से प्रभावी होगा, जो 31 दिसंबर, 2028 तक रहेगा। दीक्षित की नियुक्ति को राष्ट्रपति ने मंजूरी दी है। दीक्षित वायुसेना प्रमुख 28वें चीफ ऑफ द एयर स्टाफ, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का स्थान लेंगे, जो 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होंगे। सिंह ने 30 सितंबर, 2024 को वायुसेना प्रमुख का पदभार ग्रहण किया था।

पहचान

1986 में वायुसेना की लड़ाकू शाखा में मिला था कमीशन

दीक्षित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, बांग्लादेश के रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। वे एक फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और प्रायोगिक टेस्ट पायलट हैं।

उन्होंने 6 दिसंबर, 1986 को भारतीय वायुसेना की लड़ाकू शाखा में कमीशन प्राप्त किया था।

वायुसेना मुख्यालय में उन्होंने वायुसेना आवश्यकताओं के प्रधान निदेशक, वायुसेना प्रमुख (परियोजनाएं) और वायुसेना प्रमुख (योजनाएं) के पदों पर कार्य किया है।

उन्होंने दक्षिणी वायुसेना कमान के वायुसेना रक्षा कमांडर के रूप में भी सेवाएं दी हैं।

उड़ान

3,500 से अधिक उड़ान घंटों का अनुभव

दीक्षित ने मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करणों, जगुआर, तेजस, हॉक, IL-78, N-32, एवरो, किरण और HPT-32 पर 3,500 से अधिक उड़ान घंटे पूरे किए हैं।

उनको 1 अक्टूबर, 2022 को वायु मार्शल के पद पर पदोन्नत किया गया था, जिसके बाद वे दक्षिण-पश्चिमी वायुसेना कमान मुख्यालय में वरिष्ठ वायुसेना अधिकारी थे।

इसके बाद वह 1 सितंबर, 2024 से अप्रैल 2025 तक केंद्रीय वायु कमान के वायु अधिकारी कमान-इन-चीफ रहे।

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कार्यकाल

करगिल संघर्ष में भी शामिल थे दीक्षित

एयर मार्शल दीक्षित ने वायुसेना परीक्षण पायलट स्कूल में डायरेक्टिंग स्टाफ के रूप में प्रशिक्षण कार्य और बेंगलुरु स्थित विमान एवं प्रणाली परीक्षण प्रतिष्ठान में उड़ान परीक्षण स्क्वाड्रन की कमान संभाली है।

वे जगुआर और मिग-27 के एवियोनिक्स उन्नयन में शामिल रहे और कारगिल संघर्ष के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर और ऑपरेशन रक्षक में फाइटर जेट से कई बम बरसाए थे।

दीक्षित मध्यम बहु-भूमिका लड़ाकू विमान परीक्षणों की योजना और संचालन में सक्रिय रूप से शामिल रहे थे।

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माहिर

20 तरह के लड़ाकू विमान उड़ाने में माहिर

जब दीक्षित उपप्रमुख थे, तब उनके कार्यकाल के दौरान ही हल्के लड़ाकू विमान तेजस MK-1ए, तेजस MK-2 और उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान सहित कई स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई थी।

वे बेंगलुरु स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में तेजस MK-1ए और अन्य स्वदेशी विमानन परियोजनाओं की समीक्षा में भी शामिल रहे।

उनको 20 तरह के लड़ाकू विमान उड़ाने का अनुभव है। उनकी नियुक्ति से लड़ाकू विमानन, एयरो-इंजन और अन्य विकास में वायुसेना को मजबूती मिलेगी।

सम्मान

मिल चुके हैं कई सम्मान

दीक्षित को मई 2025 को उन्होंने चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था।

जुलाई 2026 में वह वायुसेना के उपप्रमुख बने थे और एयर मार्शल नागेश कपूर का स्थान लिया था।

उनकी सेवा के सम्मान में, एयर मार्शल दीक्षित को 2006 में वायु सेना पदक, 2011 में विशिष्ट सेवा पदक, 2023 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2026 में परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है।

जानकारी

कई अभियानों में लिया हिस्सा

अपने लगभग 4 दशकों के सेवाकाल में एयर मार्शल दीक्षित ने करगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर के अलावा ऑपरेशन रक्षक, कोप इंडिया और ऑपरेशन सिंदूर सहित कई अभियानों और अभ्यासों में सक्रिय रूप से योगदान दिया है।

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