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वाराणसी की मस्जिद को लेकर पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने क्या कहा जो भड़का भारत? जानें पूरा मामला
वाराणसी की गंज शहेदा मस्जिद को लेकर पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने टिप्पणी की है

वाराणसी की मस्जिद को लेकर पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने क्या कहा जो भड़का भारत? जानें पूरा मामला

लेखन आबिद खान
Jun 21, 2026
02:34 pm

क्या है खबर?

वाराणसी की एक मस्जिद को लेकर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने टिप्पणी की है। इसके बाद भारत ने भी जवाब दिया है। भारत ने कहा कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति की बेबुनियाद टिप्पणियों को भारत पूरी तरह से खारिज करता है और उन्हें भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। जरदारी की टिप्पणी के बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। आइए पूरा मामला समझते हैं।

शुरुआत

कैसे हुई विवाद की शुरुआत?

दरअसल, रेलवे ने वाराणसी रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार के पास स्थित गंज शहीदा मस्जिद को 20 जून तक परिसर खाली करने का निर्देश दिया है। स्टेशन के विस्तार के चलते इस मस्जिद को हटाने का नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है, "सूचित किया जाता है कि काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के तरफ रेलवे भूमि पर अवैध मस्जिद का निर्माण हुआ है, जो स्टेशन पर चल रहे विकास कार्य में बाधक है।"

पाकिस्तान

पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने क्या कहा?

पाकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से कहा गया, 'राष्ट्रपति ने भारत में ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों, जिनमें वाराणसी की 1,000 साल पुरानी मस्जिद गंज शहीदा भी शामिल है, को गिराए जाने और उन्हें दी जा रही धमकियों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने भारत से ऐसी कार्रवाइयां तुरंत रोकने को कहा और चेतावनी दी कि इससे भारत के टूटने और वहां हमेशा के लिए अराजकता फैलने का खतरा पैदा हो सकता है।'

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भारत

पाकिस्तान के बयान पर भारत ने क्या कहा?

भारत ने जरदारी की टिप्पणियों को निराधार, हास्यास्पद और नफरत से प्रेरित राजनीतिक हमला बताते हुए कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। विदेश मंत्रालय ने कहा, "पाकिस्तान की अपनी मानवाधिकार स्थिति बेहद खराब है। ऐसे देश से इस तरह की टिप्पणी आना और भी ज्यादा हास्यास्पद है, जिसका खुद का मानवाधिकार रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और भेदभाव करने का लंबा इतिहास रहा है।"

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मस्जिद

मस्जिद प्रबंधन का क्या कहना है?

दैनिक भास्कर से बात करते हुए अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के सचिव एसएम यासीन ने कहा, "पाकिस्तान को भारत की या हमारी फिक्र करने की जरूरत नहीं है। वहां लगातार मस्जिदों को निशाना बनाया जा रहा है। पहले वो अपना मामला देखें। हम अपने मामले में खुद सक्षम हैं। हम अपना मामला खुद देखेंगे, किसी और की जरूरत नहीं है। भारत सरकार और कोर्ट से हम अपना मामला खुद लड़ेंगे। पाकिस्तान को हमारी चिंता करने की जरूरत नहीं है।"

इतिहास

अब मस्जिद के बारे में जानिए

वाराणसी में स्थित ये मस्जिद 1034 ईसवीं में बनी थी। मस्जिद समिति के मुताबिक, 1883-84 के बन्दोबस्त नक्शे में भी मस्जिद है। उससे पहले के नक्शे में भी है। रेलवे 1887 में आई है, लेकिन मस्जिद उससे पहले की है। यासीन ने BBC से कहा, "रेलवे के नोटिस का हम जवाब दे रहे हैं। DM साहब से भी आश्वासन मिला है। हमारी उनसे मुलाकात हुई थी। उन्होंने हमें भरोसा दिया है कि मस्जिद को जबरदस्ती नहीं तोड़ा जाएगा।"

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