भारत-अमेरिका व्यापार सौदे की फैक्टशीट जारी; रूसी तेल खरीद का जिक्र, जानिए समझौते की प्रमुख शर्तें
क्या है खबर?
भारत और अमेरिका ने पिछले कई महीनों की लंबी तनावपूर्ण बातचीत के बाद व्यापार समझौता किया है, जिस पर हस्ताक्षर होना बाकी है। इससे पहले व्हाइट हाउस ने सोमवार को द्विपक्षीय समझौते को लेकर एक फैक्टशीट (तथ्य पत्रक) जारी किया है। इसमें समझौते की सभी प्रमुख शर्तों का उल्लेख है, जिसमें रूस से तेल खरीदने को लेकर जिक्र किया गया है। भारत-अमेरिका के बीच किन-किन शर्तों पर समझौता हुआ है? इस फैक्टशीट से सभी सवालों के जवाब मिलेंगे।
टैरिफ
क्या भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा?
फैक्टशीट में लिखा है कि व्यापार समझौता भारत के 140 करोड़ से अधिक लोगों के बाजार को अमेरिकी उत्पादों के लिए खोल देगा। इसमें बताया गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत द्वारा रूसी तेल खरीदना बंद करने की प्रतिबद्धता को देखते हुए, भारतीय आयात पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ हटाने पर सहमत हैं और राष्ट्रपति ने शुक्रवार को कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर उसे हटा भी दिया है। साथ ही, अमेरिका पारस्परिक टैरिफ को 25 से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा।
किसान
अमेरिका के कृषि उत्पादों पर शून्य टैरिफ
फैक्टशीट के मुताबिक, भारत अमेरिका के सभी औद्योगिक सामानों, सूखे अनाज, लाल ज्वार, मेवे, ताजे-प्रसंस्कृत फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, शराब, स्पिरिट अन्य उत्पादों सहित अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ को समाप्त या कम करेगा। साथ ही, भारत अमेरिकी उत्पादों की अधिक खरीद करने और अमेरिका से करीब 45.36 लाख करोड़ रुपये (500 अरब डॉलर) से अधिक के ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य उत्पादों की खरीद करेगा।
व्यापार
भारत डिजिटल सेवा करो को हटाएगा
फैक्टशीट के मुताबिक, भारत प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करेगा। साथ ही, भारत अपने डिजिटल सेवा करों को हटाएगा व्हाइट हाउस ने फैक्टशीट में कहा कि भारत द्विपक्षीय डिजिटल व्यापार नियमों के मजबूत समूह पर बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो भेदभावपूर्ण या बोझिल प्रथाओं और डिजिटल व्यापार में अन्य बाधाओं को दूर करते हैं। इसमें इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण पर सीमा शुल्क लगाने पर रोक लगाने वाले नियम भी शामिल हैं।
टैरिफ
अभी तक अमेरिकी कृषि उत्पादों पर 37 प्रतिशत टैरिफ लगाता था भारत
फैक्टशीट में बताया गया कि भारत ने किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था की तुलना में अमेरिका पर सबसे उच्च टैरिफ रखे हैं, जिनमें कृषि उत्पादों पर 37 और कुछ ऑटोमोबाइल पर 100 प्रतिशत से अधिक टैरिफ हैं। व्हाइट हाउस ने भारत को अत्यधिक संरक्षणवादी गैर-टैरिफ बाधाएं लगाने वाला बताया, जिससे भारत के लिए कई अमेरिकी निर्यातों पर प्रतिबंध लगा था। व्हाइट हाउस ने कहा कि आगे अमेरिका-भारत इसे तुरंत लागू करेंगे और अमेरिकी श्रमिकों-व्यवसायों के लिए समझौते को अंतिम रूप देंगे।
बातचीत
अमेरिका बाधाएं हटाने को जारी रखेगा बातचीत
व्हाइट हाउस ने फैक्टशीट में बताया कि अमेरिका और भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के संदर्भ की शर्तों में निर्धारित रोडमैप के अनुरूप कई मुद्दों पर बातचीत जारी रखेंगे। इसमें शेष टैरिफ बाधाओं, अतिरिक्त गैर-टैरिफ बाधाओं, व्यापार में तकनीकी बाधाओं, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, अच्छी नियामक प्रथाओं, व्यापार उपचारों, सेवाओं और निवेश, बौद्धिक संपदा, श्रम, पर्यावरण, सरकारी खरीद और राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों की व्यापार-विकृत या अनुचित प्रथाओं को संबोधित करना शामिल होगा।