BRICS शिखर सम्मेलन से भारत को क्या-क्या हासिल हुआ?
क्या है खबर?
12-13 सितंबर को नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में BRICS शिखर सम्मेलन हुआ था। इसमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई बडे़ नेता और कारोबारी शख्सियत शामिल हुईं। भारत ने कूटनीति का प्रदर्शन करते हुए मतभेदों के बीच नई दिल्ली घोषणा पत्र पर सभी देशों को एकजुट कर लिया। साथ ही देशों में AI समेत कई मुद्दों संयुक्त पहलों पर भी सहमति बनी। आइए जानते हैं सम्मेलन से भारत को क्या मिला।
उद्देश्य
संगठन को पश्चिम विरोधी गुट बनने से रोका
भारत की अध्यक्षता में BRICS अस्तित्व के संकट का सामना कर रहा था। 2024 और 2025 में हुए विस्तार के बाद सवाल उठे थे कि क्या अलग-अलग राजनीतिक प्रणालियों और क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता वाले देशों का संगठन प्रासंगिकता बनाए रखेगा।
भारत की अध्यक्षता ने समूह की पहचान स्थिर करने की दिशा में अहम प्रगति की।
भारत ने समूह का उद्देश्य ध्रुवीकरण वाले वैचारिक रुख से हटाकर व्यावहारिक आर्थिक सहयोग, तकनीकी एकीकरण और वैश्विक शासन के सुधार की ओर केंद्रित किया।
संतुलन
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच साधा संतुलन
भारत ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब और ईरान जैसे सदस्यों के बीच संतुलन साधे रखा। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ता तनाव और क्षेत्र में सैन्य स्थिति को देखते हुए इन देशों को एक मंच पर लाना बड़ी चुनौती थी।
भारत ने न सिर्फ इस चुनौती को पूरा किया, बल्कि घोषणा पत्र पर सहमति के लिए भी इन देशों को राजी कर लिया।
बैठकें
15 द्विपक्षीय बैठकों से मिले रणनीतिक फायदे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों के साथ 15 द्विपक्षीय बैठकें कीं। इनसे भारत को महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक लाभ प्राप्त हुए।
चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ हुई बैठक में सैन्य वापसी के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर हुई प्रगति की समीक्षा पर ध्यान केंद्रित किया गया।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के साथ बैठक में चाबहार बंदरगाह के संचालन में तेजी लाने और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) के विस्तार पर चर्चा हुई।
डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना
दुनिया ने देखी भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना
12 सितंबर की BRICS नेताओं ने 'भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी' का दौरा किया। इस दौरान भारत ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) का प्रदर्शन किया, जिसमें एकीकृत भुगतान इंटरफेस (UPI), आधार डिजिटल पहचान सत्यापन, डिजिटल वाणिज्य के लिए खुला नेटवर्क (ONDC), और कोविन और आयुष्मान भारत जैसे स्वास्थ्य सेवा मॉडल को मेहमान देशों को दिखाया गया।
भारत ने 'BRICS DPI रिपॉजिटरी' का शुभारंभ किया। इसके तहत भारत अपने ओपन-सोर्स डिजिटल संसाधनों को देशों को बिना लाइसेंस शुल्क के उपलब्ध कराता है।
आतंकवाद
आतंकवाद के खिलाफ जुटे देश
नई दिल्ली घोषणा पत्र में आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ सख्त शून्य-सहिष्णुता का रुख व्यक्त किया गया है। इसमें सीमा पार आतंकी नेटवर्क, राज्य प्रायोजन, वित्तीय सहायता संरचनाओं और सुरक्षित ठिकानों की स्पष्ट रूप से निंदा की गई है।
घोषणा में कहा गया कि किसी भी आतंकवादी कृत्य को, चाहे उसका मकसद कुछ भी हो, उचित नहीं ठहराया जा सकता।
सदस्य देशों ने पहलगाम आतंकी हमले के भी निंदा की।