पश्चिमी विक्षोभ का 'आखिरी' प्रहार, उत्तर भारत में कोहराम, अब मानसून के लिए लंबा इंतजार
उत्तरी भारत में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला हुआ है। राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में तेज आंधी, ओले, बिजली और धूल भरी आंधियों ने काफी हलचल मचाई है। मौसम का यह अचानक बदला हुआ रूप दरअसल एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण है। यह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस रविवार, 31 मई तक काराकोरम रेंज से लेकर उत्तर और मध्य भारत को पार करता हुआ नागपुर और रायपुर तक फैल गया था।
उत्तर-पश्चिमी हवाओं से भारत के मानसून में देरी
ये उत्तर-पश्चिमी हवाएं प्रायद्वीपीय भारत में काफी अंदर तक पहुंच रही हैं, जिसका असर केरल के उन इलाकों पर भी पड़ रहा है जहां आमतौर पर मानसून पहले आता है। इन्हीं हवाओं के कारण मानसून अपनी तय समय सीमा से पीछे चल रहा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया है कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले यह आखिरी बड़ा मौसमी बदलाव हो सकता है। हालांकि, दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी हवाओं का इंतजार अभी कम से कम 9 जून तक करना पड़ सकता है। मानसून की चाल धीमी होने की एक और वजह अन्य प्री-मानसून सिस्टम भी हैं।