पश्चिम बंगाल SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, ये लोग कर सकेंगे मतदान
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 की शक्तियों का इस्तेमाल किया है। कोर्ट ने कहा कि जिन व्यक्तियों की अपील अपीलीय ट्रिब्यूनल द्वारा मंजूर की जाएगी, उन्हें मतदान करने की अनुमति दी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि जिन व्यक्तियों की अपील पर ट्रिब्यूनल 21 अप्रैल तक फैसला दे देंगे, वे पहले चरण में 23 अप्रैल को मतदान करने के पात्र होंगे।
मतदान
कोर्ट ने कहा- चुनाव आयोग पूरक मतदाता सूची जारी करे
कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह पश्चिम बंगाल में पूरक मतदाता सूची जारी करे। इसमें उन मतदाताओं को शामिल किया जाए, जिनकी अपीलें ट्रिब्यूनल में मंजूर हो गई हैं। ये लोग मतदान कर सकेंगे। पहले चरण के मतदान के लिए 21 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 27 अप्रैल तक हुए अपीलों के निपटारे के आधार पर पूरक मतदाता सूची जारी की जाएगी। हालांकि, जिनकी अपील ट्रिब्यूनल में लंबित रहेगी, वे मतदान नहीं कर पाएंगे।
मामला
क्या है मामला?
दरअसल, पश्चिम बंगाल में SIR के बाद मतदाता सूची से 90.83 लाख मतदाताओं के नाम कट गए हैं। इन्हें अपील करने का मौका मिला है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 19 ट्रिब्यूनल इनकी अपील पर सुनवाई कर रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कोर्ट में कहा था कि विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद मतदाता सूची फ्रीज हो गई है। ऐसे में लाखों लोग मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसी मामले पर कोर्ट का फैसला आया है।
बयान
ममता बनर्जी ने कहा- मुझे न्यायपालिका पर गर्व
फैसले पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, "मैं सबको धैर्य रखने के लिए कह रही थी। आज नहीं तो कल सबका नाम आ ही जाएगा। आज सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी कर दिया है। मैं सभी संबंधित पक्षों से आग्रह करती हूं कि वे सुनिश्चित करें कि मतदाता सूची उसी रात तक भेज दी जाए। मैं खुश हूं, मुझे न्यायपालिका पर गर्व है। मैंने यह मुकदमा दायर किया था, आज मुझसे ज्यादा खुश कोई नहीं है।"
मतदाता
मतदाता सूची से 11 प्रतिशत नाम कटे
SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले पश्चिम बंगाल में कुल 7,66,37,529 मतदाता थे। 28 फरवरी को आई पहली सूची में 63.66 लाख नाम हटा दिए गए थे और 60,06,675 नामों को 'विचारणाधीन' श्रेणी में रखा गया था। जांच के बाद इनमें से भी 27 लाख मतदाताओं के नाम डिलीट कर दिए गए थे। फिलहाल राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 6,77,20,728 रह गई है। यानी लगभग 11.85 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हट गए हैं।