पश्चिम बंगाल में 60,000 नाबालिग माताओं का गंभीर संकट, सरकार ने छेड़ी घर-घर जांच
इस साल जनवरी से जून के बीच पश्चिम बंगाल के अस्पतालों में करीब 60,000 नाबालिग लड़कियों ने बच्चों को जन्म दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इन चिंताजनक आंकड़ों पर गहरी चिंता जताई है।
उन्होंने बताया कि ये आंकड़े बाल विवाह और किशोर अवस्था में गर्भावस्था जैसी लगातार जारी समस्याओं से जुड़े हैं। राज्य सरकार अब घर-घर जाकर इन मामलों की जांच करेगी। इसके लिए स्वास्थ्य रिकॉर्ड का इस्तेमाल होगा, ताकि उन मामलों को पहचानकर उनकी सही से पुष्टि की जा सके, जिनमें आगे जांच की जरूरत है।
अधिकारी ने सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया
अधिकारी ने कहा है कि इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने खास तौर पर उन सीमावर्ती जिलों का जिक्र किया जहां ऐसे मामले सबसे ज्यादा सामने आते हैं।
इन आंकड़ों के मुताबिक, मुर्शिदाबाद में 12,847 नाबालिग माताओं के मामले दर्ज हुए हैं, जो राज्य के कुल मामलों का करीब 5वां हिस्सा है। इसके अलावा, दक्षिण 24 परगना और पूर्व बर्दवान में भी ऐसे मामलों की संख्या बहुत ज्यादा रही है। सरकार का कहना है कि वह छोटी बच्चियों के अधिकारों और उनके बेहतर भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है।