पश्चिम बंगाल दुर्गा पूजा में बदलाव: शराब-डीजे पर पाबंदी, आयोजकों के लिए नियम लागू
इस साल पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के जश्न में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। राज्य सरकार ने महा अष्टमी पर शराब की बिक्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। इस दौरान बार में भी शराब नहीं परोसी जा सकेगी।
इतना ही नहीं, दुर्गा पूजा के दौरान और विसर्जन जुलूसों में डीजे का संगीत भी बंद रहेगा। सरकार का मकसद है कि त्योहार को शांतिपूर्ण और पारंपरिक तरीके से मनाया जा सके।
पूजा आयोजकों को सनातन नियमों का पालन करना होगा
पूजा आयोजकों को अब प्रतिमाओं, पंडालों और थीम के चुनाव में सनातन परंपराओं का खास ध्यान रखना होगा। जश्न की शुरुआत देवी पक्ष के बाद ही हो पाएगी, और सभी प्रतिमाओं का विसर्जन लक्ष्मी पूजा से पहले ही पूरा करना अनिवार्य होगा।
इस बार पूजा के लिए सड़कों या कोलकाता के मुख्य राजमार्गों को ब्लॉक करने की अनुमति नहीं मिलेगी। बड़े विसर्जन जुलूस के बजाय, त्योहार के दिनों में रोड शो आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, 6 शहरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
6 तय विसर्जन घाटों पर भी खास कार्यक्रम रखे जाएंगे। इसके अलावा, दिव्यांगजनों, वृद्धाश्रमों के निवासियों और अलग-अलग आश्रमों में रहने वाले लोगों के लिए भी पूजा दर्शन के खास इंतजाम किए जाएंगे, ताकि त्योहार सभी के लिए सुलभ और समावेशी बन सके।