पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश हुआ गुंडा विधेयक, अब अपराध से पहले ही दबोचे जाएंगे संदिग्ध
पश्चिम बंगाल सरकार एक नया कानून लेकर आई है, जिसे 'गुंडा विधेयक' नाम दिया गया है। यह कानून उन लोगों पर नकेल कसने के लिए है जो बार-बार अपराध करते हैं और संगठित अपराधों में शामिल रहते हैं। इस बिल से पुलिस को ज्यादा अधिकार मिलेंगे कि वह कोई भी गड़बड़ी शुरू होने से पहले ही ऐसे संदिग्ध लोगों को अपनी हिरासत में ले सके। सरकार का मानना है कि इससे सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहेगी और लोग ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे।
जिन पर 'गुंडा' का ठप्पा लगा, उन पर पहले ही होगी कार्रवाई
इस कानून के तहत पुलिस को किसी पर कार्रवाई करने के लिए बड़ा अपराध होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अगर किसी व्यक्ति की पहचान ऐसे गड़बड़ी फैलाने वाले के तौर पर होती है, तो अधिकारी पहले ही उस पर शिकंजा कस सकते हैं। इसमें गैंग लीडर, सिंडिकेट के सदस्य और वे लोग भी शामिल होंगे जो बार-बार अवैध काम करते हैं। अगर किसी पर 'गुंडा' का ठप्पा लग जाता है, तो मामला बड़ा होने से पहले ही उसे हिरासत में लिया जा सकता है। इसका मकसद किसी भी बड़ी अशांति को शुरू होने से पहले ही रोकना है।