कोलकाता हवाई अड्डे पर 130 साल पुरानी मस्जिद हटाना चाहती है सरकार, जानिए क्या है मजबूरी
कोलकाता हवाई अड्डे के भीतर एक 130 साल से भी ज्यादा पुरानी मस्जिद मौजूद है। पश्चिम बंगाल सरकार अब इस मस्जिद को हटाना चाहती है, क्योंकि यह रनवे के बेहद करीब है। इस वजह से उड़ानों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है, खासतौर पर कोहरे में सुरक्षित लैंडिंग के लिए जरूरी सुधार भी नहीं हो पा रहे। सरकार का मकसद है कि उड़ान सुरक्षा, हवाई अड्डे का विस्तार और धार्मिक भावनाओं का सम्मान, इन सभी के बीच संतुलन बनाया जा सके। मगर मस्जिद के लंबे इतिहास को देखते हुए यह मुद्दा अब बड़ी चर्चा का विषय बन गया है।
अधिकारी दे रहे नई आधुनिक मस्जिद बनाने का प्रस्ताव
मस्जिद को हटाना सिर्फ एक तकनीकी मसला नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक और सांस्कृतिक तौर पर भी काफी संवेदनशील है। दरअसल, 1950 और 1960 के दशक में जब हवाई अड्डे को बड़ा किया जा रहा था, तब आस-पास के कई गांव तो हटा दिए गए, मगर मस्जिद वहीं रही। तब समुदाय से यह वादा किया गया था कि मस्जिद को नहीं हटाया जाएगा। 1995 में इसे हटाने की पहले भी कोशिश की गई थी, लेकिन तब इसे ठुकरा दिया गया था। फिर 2003 में हवाई अड्डे के विस्तार की योजना में मस्जिद की वजह से बदलाव करने पड़े, जिससे डिजाइन में महंगे फेरबदल करने पड़े। अब अधिकारी एक नए तरीके पर विचार कर रहे हैं, जिसमें एक नई और आधुनिक मस्जिद बनाने का प्रस्ताव है। इससे सुरक्षा संबंधी जरूरतों और धार्मिक भावनाओं, दोनों का सम्मान किया जा सकेगा।