केरलम के तट पर मंडराया प्लास्टिक प्रदूषण का खतरा, निपटने की नई योजना तैयार
जून 2025 में केरलम के समुद्री तट के पास 'वान हाई 503' नाम के एक कंटेनर शिप में आग लग गई थी और उसमें धमाका हो गया था। इस घटना से तटरेखा पर प्रदूषण फैलने का खतरा बढ़ गया। इंटरनेशनल टैंकर ओनर्स पॉल्यूशन फेडरेशन (ITOPF) के कंटेनर जोखिम आकलन के अनुसार, अगर जहाज के कार्गो कंटेनरों से समय के साथ लीकेज होता है, तो सारा सामान समुद्र में मिल सकता है। आखिर में इस जहाज को संयुक्त अरब अमीरात के जेबेल अली ले जाया गया।
तेल रिसाव से निपटने की तैयारी के लिए मसौदा प्लान तैयार
'वान हाई 503' में प्लास्टिक रेजिन, खाने का सामान और केमिकल जैसी कई चीजें भरी हुई थीं। हो सकता है कि इनमें से कुछ सामान तो डूब जाए, लेकिन प्लास्टिक के छोटे दाने (पेलेट्स) जैसे हल्के पदार्थ समुद्र में तैरकर किनारे तक आ सकते हैं। ये स्थानीय समुद्र तटों और समुद्री जीवों के लिए बड़ी समस्या खड़ी कर सकते हैं। प्लास्टिक नर्डल (छोटे-छोटे प्लास्टिक के टुकड़े) खास तौर पर चिंता का कारण हैं, क्योंकि मछलियां गलती से इन्हें खा सकती हैं। इस घटना और हाल ही में हुए एक और जहाज के डूबने के कारण, तेल रिसाव से निपटने का एक मसौदा प्लान तैयार किया गया है। इसका मकसद यह है कि अगर ऐसी घटना दोबारा होती है, तो तट की बेहतर तरीके से सुरक्षा की जा सके।