BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आ सकते हैं शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन
क्या है खबर?
भारत में 12 और 13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन होना है। इसमें शामिल होने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली आ सकते हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के भी सम्मेलन में शामिल होने की खबरें हैं। शिखर सम्मेलन की तैयारियों में शामिल लोगों के अनुसार, तीनों नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं।
रिपोर्ट
चीनी अधिकारियों ने किया भारत का दौरा
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बैठक पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को लेकर ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में तनाव के बीच होने वाली है।
27 जुलाई और 28 जुलाई को विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बीजिंग में कई बैठकें कीं, जिनमें दोनों पक्षों ने उच्च स्तरीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
इसके अलावा चीनी अधिकारियों ने भी जिनपिंग के दौरे की व्यवस्थाओं और सुरक्षा तैयारियों के लिए भारत का दौरा किया है।
चीन
2019 के बाद पहली बार भारत आएंगे जिनपिंग
चीन ने इस सप्ताह की शुरुआत में विदेश सचिव विक्रम मिसरी की बीजिंग यात्रा के दौरान भारत की BRICS अध्यक्षता का समर्थन किया था।
अगर जिनपिंग भारत आते हैं, तो अक्टूबर 2019 के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी। तब जिनपिंग प्रधानमंत्री मोदी के साथ दूसरे अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए तमिलनाडु आए थे।
हालांकि, इसके बाद ही वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी सैनिकों की घुसपैठ के कारण भारत-चीन संबंध काफी खराब हो गए थे।
रूस
पुतिन का आना लगभग तय
पुतिन के भारत आने का संकेत रूस ने पहले ही दे दिया था। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव मई में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए दिल्ली आए थे।
तब उन्होंने कहा था, "हम BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारी कर रहे हैं। हमने अपने भारतीय मित्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता और BRICS मंत्रिस्तरीय बैठकों में अंतरराष्ट्रीय एजेंडे पर अपने विचारों में समानता देखी है।"
रूस ने भी भारत की BRICS अध्यक्षता का समर्थन किया है।
तनाव
भारत के सामने कई चुनौतियां
यह सम्मेलन ईरान और UAE के बीच बढ़ते तनाव के बीच हो रहा है। इसका असर फिलिस्तीन और दो-राज्य समाधान पर होने वाली चर्चाओं पर पड़ सकता है। उम्मीद है कि ईरान और UAE के बीच मतभेदों को कम करने में भारत मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा।
जानकारों का मानना है कि शिखर सम्मेलन में भारत की परस्पर विरोधी हितों को संतुलित करने और प्रतिद्वंद्वी शक्तियों के बीच सेतु की भूमिका को मजबूत करने की क्षमता की परीक्षा होगी।
प्लस
क्या है BRICS?
BRICS प्रमुख उभरती हुए अर्थव्यवस्था वाले 5 देशों का समूह है। इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल है। 2009 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन ने इसकी स्थापना की थी।
2010 में दक्षिण अफ्रीका भी शामिल हुआ। 2024 में समूह में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और UAE को जोड़ा गया।
BRICS देश वैश्विक जनसंख्या के 49.5 प्रतिशत, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के 26 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।