खाने की पैकिंग की वास्तविक तारीख छिपाने पर होगी कार्रवाई, उत्तर प्रदेश FSDA का कड़ा फरमान
उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (FSDA) ने एक नया नियम जारी किया है। इस नियम के मुताबिक, अब सभी पैकेटबंद, दोबारा पैक किए गए या जिन पर दोबारा लेबल लगाया गया है, उन खाने-पीने की चीजों पर असली मैन्युफैक्चरिंग या प्रोसेसिंग की तारीख लिखनी होगी। पहले सिर्फ पैकिंग की तारीख बताई जाती थी, जो अब नहीं चलेगी। इस कदम से ब्रांड्स अब उत्पादों की असली उम्र नहीं छिपा पाएंगे।
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर ने रिपोर्ट करने की अपील की
हाल ही में हुई जांचों में सामने आया कि कुछ ब्रांड्स केवल पैकिंग की तारीख ही बताते थे। इससे यह पता लगाना मुश्किल हो रहा था कि खाने का सामान असल में कितना ताजा है। अधिकारियों का मानना है कि ऑनलाइन शॉपिंग के तेजी से बढ़ने के कारण और सख्त नियमों की जरूरत है। अगर आपको ऐसा कोई खाने का सामान मिलता है जिस पर मैन्युफैक्चरिंग या एक्सपायरी डेट साफ-साफ नहीं लिखी है, तो महाराष्ट्र के FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने लोगों से इसे FDA पोर्टल पर रिपोर्ट करने को कहा है। ऐसा करने से सभी लोग सुरक्षित रहेंगे और उन्हें सही जानकारी भी मिल पाएगी।