26/11 स्मारक से अमेरिका का संदेश- आतंकवाद के मददगारों को नहीं मिलेगी छूट
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मुंबई में 26/11 स्मारक का दौरा किया। इस दौरान ताज होटल के सुरक्षा प्रमुख सुनील कुडियाडी ने उन्हें साल 2008 के उस भयानक आतंकी हमले से जुड़ी बातें बताईं।
कुडियाडी ने याद किया कि कैसे होटल के कर्मचारियों ने अपनी जान पर खेलकर मेहमानों को बचाया था। लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने करीब 60 घंटे तक चले इस घेराव में 166 लोगों की जान ले ली थी, जिनमें 6 अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे।
रुबियो की मुलाकात दिखाती है अमेरिकी-भारतीय सहयोग
रुबियो ने बताया कि अमेरिका भले ही पाकिस्तान के साथ उसके परमाणु हथियार और रणनीतिक लोकेशन की वजह से संबंध रखता हो, लेकिन आतंकवाद को लेकर उसका रुख बिल्कुल साफ और कड़ा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो भी देश आतंकवाद का समर्थन करेगा, अमेरिका उसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
कुडियाडी और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मार्को रुबियो की मुलाकात दिखाती है कि अमेरिका और भारत अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं। दोनों देश एक सुरक्षित दक्षिण एशिया बनाने के लिए मिलकर काम करने को तैयार हैं।