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अमेरिका ने भारत को लौटाईं 133 करोड़ रुपये कीमत की 657 प्राचीन वस्तुएं, क्या-क्या हैं शामिल?
अमेरिका ने भारत को 657 प्राचीन वस्तुएं और मूर्तियां लौटाई हैं

अमेरिका ने भारत को लौटाईं 133 करोड़ रुपये कीमत की 657 प्राचीन वस्तुएं, क्या-क्या हैं शामिल?

लेखन आबिद खान
Apr 30, 2026
03:08 pm

क्या है खबर?

अमेरिका ने भारत को 657 प्राचीन और ऐतिहासिक वस्तुएं और मूर्तियां लौटाई हैं। इनकी कीमत करीब 133 करोड़ रुपये है। इसकी घोषणा मैनहट्टन के जिला अटॉर्नी एल्विन ब्रैग ने की। इन वस्तुओं को न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की दूत राजलक्ष्मी कदम की मौजूदगी में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत को सौंपा गया। इन्हें अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोह कई सालों तक तस्करी कर अमेरिका ले गए थे। आइए भारत को मिली वस्तुओं-मूर्तियों के बारे में जानते हैं।

प्रतिमा

19 करोड़ रुपये कीमत वाली अवलोकितेश्वर की प्रतिमा सौंपी गई

लौटाई गई वस्तुओं में 'अवलोकितेश्वर' की 19 करोड़ रुपये मूल्य की एक कांस्य प्रतिमा है। ये शेरों के सिंहासन पर द्वि-कमल आसन पर विराजमान है। यह प्रतिमा 1939 में छत्तीसगढ़ के लक्ष्मण मंदिर के पास मिली कांस्य प्रतिमाओं के एक बड़े भंडार का हिस्सा थी और 1952 तक रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय के संग्रह में थी। 1982 में इसे तस्करी कर अमेरिका ले जाया गया। 2014 के अंत तक ये न्यूयॉर्क में एक निजी संग्रह में पहुंच गई।

गणेश प्रतिमा

नृत्य करते हुए गणेश की प्रतिमा भी देश लौटेगी

सौंपी गई एक अन्य वस्तु में नृत्य करते हुए 'गणेश' की बलुआ पत्थर की प्रतिमा भी है। इसे कुख्यात कला व्यापारी सुभाष कपूर के सहयोगी रंजीत कंवर ने साल 2000 में मध्य प्रदेश के एक मंदिर से लूटा था। बाद में दोषी तस्कर वामन घिया ने इसे न्यूयॉर्क स्थित गैलरी मालिक डोरिस वीनर को बेच दिया था। 2012 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता ने नीलामी में खरीद लिया और इस साल मैनहट्टन जिला अटॉर्नी कार्यालय को सौंप दिया।

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बुद्ध प्रतिमा

बलुआ पत्थर की बुद्ध प्रतिमा भी वापस करेगा अमेरिका

एक अन्य कलाकृति लाल बलुआ पत्थर की बुद्ध प्रतिमा है, जिसमें बुद्ध अपना दाहिना हाथ अभय मुद्रा में उठाए खड़े हैं। इस प्रतिमा के घुटनों के नीचे के पैर टूटे हुए हैं और सिर के पीछे का आभामंडल भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त है। जांचकर्ताओं ने पाया कि इसकी तस्करी कपूर ने न्यूयॉर्क में की थी और बाद में अधिकारियों ने इसे कपूर के एक भंडारण केंद्र से जब्त कर लिया था।

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गिरफ्तारी

कैसे जब्त की गईं प्रतिमाएं?

ये कलाकृतियां तस्कर कपूर और नैन्सी वीनर से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिकिंग नेटवर्क की जांच के बाद बरामद की गई हैं। अमेरिका का पुरातत्व तस्करी इकाई गृह सुरक्षा जांच विभाग के साथ मिलकर 10 सालों से भी ज्यादा समय से मामले की जांच कर रहा है। अधिकारियों ने 2012 में कपूर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था और 2019 में उस पर और 7 सहयोगियों पर आरोप लगाया गया था।

अन्य कलाकृतियां

1,000 से ज्यादा कलाकृतियां अब भी गायब

कपूर को 2022 में भारत में तस्करी के अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था। भारत ने अमेरिका से उसके प्रत्यर्पण का अनुरोध किया है। उससे जुड़े 5 मामले तमिलनाडु में चल रहे हैं, जिनमें 32 मूर्तियां शामिल हैं। उसके 5 साथियों को दोषी ठहराया जा चुका है। अमेरिका ने अब तक 6,200 से ज्यादा सांस्कृतिक वस्तुएं बरामद की हैं, जिनमें से 5,900 वस्तुएं 36 देशों को वापस लौटाई हैं। करीब 1,000 कलाकृतियां अब भी गायब हैं।

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