अमेरिकी राजदूत स्वर्ण मंदिर पहुंचे, बाहर गूंजे खालिस्तान के नारे; पंजाब में सियासी उबाल
सोमवार को अमेरिकी राजदूत सरजियो गोर और अमेरिकी सीनेटरों तथा नीति विशेषज्ञों का एक समूह अमृतसर के गुरुद्वारे स्वर्ण मंदिर पहुंचा।
वे पंजाब के साथ अपने सांस्कृतिक रिश्तों को और गहरा करना चाहते थे। लेकिन उनके इस दौरे में तब अप्रत्याशित मोड़ आया जब खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों ने गुरुद्वारे के बाहर थोड़े समय के लिए विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने इस दौरान चल रहे राजनीतिक तनाव पर लोगों का ध्यान खींचा।
अमेरिका और पंजाब के सांस्कृतिक रिश्तों की अहमियत
प्रतिनिधिमंडल का सिख नेताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया और वे जलियांवाला बाग तथा पार्टीशन म्यूजियम जैसे ऐतिहासिक स्थलों का दौरा भी करेंगे। हालांकि, शहर में स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
कई जगहों पर ट्रैफिक भी डायवर्ट किया गया था क्योंकि खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारी, जिनमें शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के कार्यवाहक अध्यक्ष ईमान सिंह मान और पार्टी कार्यकर्ता शामिल थे, गुरुद्वारे के बाहर जमा होकर 'खालिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगा रहे थे।
इस व्यवधान के बावजूद, इस दौरे ने इस बात को साबित किया कि दोनों पक्षों के लिए ये सांस्कृतिक संबंध कितने ज़रूरी हैं।