कम फीस, बेहतर भविष्य: जर्मनी बना भारतीय छात्रों का नया अमेरिका
अपग्रेड स्टडी अब्रॉड की एक नई रिपोर्ट बताती है कि विदेश में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के लिए अब जर्मनी, अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए सबसे पसंदीदा देश बन गया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 तक अपग्रेड स्टडी अब्रॉड के करीब आधे छात्र (48 प्रतिशत) पढ़ाई के लिए जर्मनी को अपनी पहली पसंद चुनेंगे। 2023 में यह आंकड़ा सिर्फ 25 प्रतिशत था, जो अब काफी बढ़ जाएगा। वहीं, अमेरिका को सिर्फ 20 प्रतिशत छात्र ही चुनेंगे।
जर्मनी में कम फीस और 18 महीने का वीजा क्यों है खास?
जर्मनी की सरकारी यूनिवर्सिटियों में ट्यूशन फीस बहुत कम होती है, कई बार तो यह शून्य तक भी होती है। इसके अलावा, वहां के मजबूत टेक्निकल प्रोग्राम और पढ़ाई पूरी होने के बाद 18 महीने का जॉब-सीकर वीजा छात्रों को अपनी ओर खींच रहे हैं। इंजीनियरिंग और ऑटोमोटिव जैसे क्षेत्रों में पढ़ाई के लिए वहां खासी दिलचस्पी देखने को मिल रही है। वहीं, अमेरिका की बात करें तो, H-1B वीजा रिजेक्शन रेट ज्यादा होने के कारण वह छात्रों की पसंद से बाहर हो रहा है।