
उत्तर प्रदेश: बच्चे भी हुए पुलिस की बर्बरता का शिकार, दो नाबालिग अभी भी जेल में
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश पुलिस बीते सप्ताह हुए प्रदर्शनों में हिंसा भड़काने वालों की धरपकड़ में जुटी है। इस कवायद में पुलिस नाबालिगों की भी नहीं बख्श रही है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने अलग-अलग जिलों में अब तक जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, हिरासत में लिया है और जिन लोगों पर लाठियां बरसाई हैं, उनमें नाबालिग और स्कूल जाने वाले छात्र भी शामिल है।
आइये, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
गिरफ्तारी
दो नाबालिग युवकों की गिरफ्तारी की रिपोर्ट
संभल में हिंसा भड़काने के आरोप में 42 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
यहां गिरफ्तार किए दो युवकों के परिवारों ने दावा किया है कि दोनों नाबालिग है और उनकी उम्र 16 और 17 साल है।
परिवारों का कहना है कि इन युवकों को बरेली जेल में बंद किया गया है। वहीं पुलिस का कहना है कि उसने किसी नाबालिग को गिरफ्तार नहीं किया है।
बता दें कि संभल में हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हुई थी।
संभल
अखबार के जरिए परिवार को मिली गिरफ्तारी की जानकारी
संभल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया 16 वर्षीय युवक आठवीं क्लास में पढ़ता है। उसके पिता मिस्त्री का काम करते हैं।
युवक के परिजनों ने बताया कि वह बीते गुरुवार को दूध लेने गया था, लेकिन उसके बाद घर नहीं लौटा।
पांच दिन बाद अखबार में खबर आने के बाद परिवार को अपने बेटे की गिरफ्तारी की जानकारी मिली।
परिवार ने बताया कि पुलिस उसे चार अलग-अलग जगहों पर लेकर गई थी और फिलहाल बरेली में रखा गया है।
प्रतिक्रिया
पुलिस ने किया नाबालिगों की गिरफ्तारी की खबरों से इनकार
वहीं दूसरे युवक के परिजनों ने डर जताया कि अगर उन्होंने युवक की जमानत की कोशिश की तो पुलिस परिवार के दूसरे सदस्य को झूठे मुकदमें में फंसा देगी।
हालांकि संभल के SP यमुना प्रसाद ने कहा कि पुलिस ने 42 लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन इनमें से कोई नाबालिग नहीं है।
उन्होंने कहा कि गिरफ्तार लोगों की जांच की जाएगी। अगर कोई नाबालिग होगा तो उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया जाएगा।
मुजफ्फरनगर
नाबालिग का दावा- पुलिस ने मारी गोली
वहीं मुजफ्फनगर में हुई हिंसा में घायल हुए एक नाबालिग ने दावा किया है 20 दिसंबर को पुलिस ने उसके घुटने के ऊपर गोली मारी थी।
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए 16 वर्षीय नाबालिग ने कहा कि वह एक दुकान पर सेल्समैन का काम करता है।
उसने बताया, "दुकान के मालिक ने हिंसा देखते हुए मुझे घर जाने को कहा। रास्ते में मैं हिंसा में फंस गया। मैंने देखा कि एक पुलिसवाले ने मुझपर गोली चलाई थी।"
मुजफ्फरनगर
दावा- पांचवी क्लास के छात्र पर बरसाई लाठियां
मुजफ्फनगर में ही दो नाबालिग छात्रों ने कहा कि पुलिस ने उनकी पिटाई की थी। इनमें से एक 12 वर्षीय लड़का पांचवी क्लास और दूसरा 14 वर्षीय लड़का मदरसे में पढ़ता है।
पांचवी क्लास के छात्र ने बताया कि गाड़ी में जा रहे एक पुलिसवाले ने उसे लाठी से मारा था।
वहीं मदरसे में पढ़ रहे छात्र ने कहा कि उसे और उसके दोस्तों को पुलिसवालों ने उठा लिया और थाने ले जाकर मारपीट की।