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उन्नाव बलात्कार मामला: पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की आजीवन कारावास की सजा बहाल
उन्नाव बलात्कार मामला: पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की आजीवन कारावास की सजा बहाल

उन्नाव बलात्कार मामला: पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की आजीवन कारावास की सजा बहाल

लेखन गजेंद्र
May 15, 2026
12:21 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित उन्नाव बलात्कार 2017 मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की जेल की सजा को निलंबित कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब सेंगर की आजीवान कारावास की सजा फिर बहाल हो गई है।

सुनवाई

सेंगर के खिलाफ अपील पर हाई कोर्ट को 2 महीने में निर्णय लेने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट को इस मामले में सेंगर की दोषसिद्धि के खिलाफ अपील पर शीघ्र, 2 महीने के भीतर, निर्णय लेने का निर्देश दिया है। आदेश में कहा गया है कि यदि अपील पर जल्द फैसला नहीं होता है तो हाई कोर्ट को सेंगर की जेल की सजा को निलंबित करने की याचिका पर पुनर्विचार करना चाहिए। कोर्ट ने यह आदेश केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दायर अपील पर दिया है।

आपत्ति

हाई कोर्ट की टिप्पणी पर भी सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट की उस पूर्व प्रथम दृष्टया टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई, जिसमें कहा गया था कि POCSO के तहत गंभीर यौन उत्पीड़न का अपराध सेंगर के खिलाफ नहीं बनता है। सेंगर की सजा निलंबित करने में यह प्रमुख आधार था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस दृष्टिकोण से कड़ी असहमति जताई। गौरतलब है कि POCSO के तहत, अगर किसी लोक सेवक द्वारा यौन उत्पीड़न किया जाता है तो वह गंभीर यौन उत्पीड़न बनता है।

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विवाद

क्या है दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का मामला?

दिसंबर 2019 में, निचली अदालत ने सेंगर को आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये का जुर्माना सुनाया, जिसके बाद सेंगर दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची। उनकी अपील अभी वहां लंबित है। इस बीच, दिसंबर 2025 में, हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने सेंगर की सजा को उनकी दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील लंबित रहने तक निलंबित कर दिया। इसके खिलाफ विरोध हुआ, जिसके बाद CBI ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, उसी पर शुक्रवार को आदेश आया।

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