
उन्नाव केसः कार को टक्कर मारने वाले ट्रक के मालिक ने बोला झूठ? पढ़ें बड़ा खुलासा
क्या है खबर?
उन्नाव रेप पीड़िता की कार के साथ हुई ट्रक की टक्कर की जांच में नया मोड़ आया है।
ट्रक मालिक का कहना था कि उसने ट्रक की नंबर प्लेट पर फाइनेंशर से बचने के लिए काला पेंट लगाया था।
अब ट्रक का फाइनेंस करने वाली फर्म ने कहा है कि उसकी तरफ से ट्रक मालिक पर किसी तरह का दबाव नहीं था। बता दें, इस मामले की जांच CBI कर रही है।
आइये, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
दावा
ट्रक मालिक ने चुकाई थी EMI
इस घटना के बाद ट्रक मालिक ने कहा था कि वह ट्रक की EMI जमा नहीं करा पाया था इसलिए रिकवरी एजेंट से बचने के लिए नंबर प्लेट पर काला रंग पोत दिया गया था।
इस दावे की पोल खोलते हुए इससे जुड़े एक एजेंट ने बताया, "हमारी तरफ से समय पर EMI देने का कोई दबाव नहीं था। ट्रक मालिक ने एक बार EMI नहीं चुकाई थी, लेकिन बाद में यह पैसा दे दिया गया था।"
जानकारी
फाइनेंश पर चल रहे हैं ट्रक मालिक के दो वाहन
नाम जाहिर न करने की शर्त पर एजेंट ने बताया कि ट्रक मालिक ने अपनी कार को भी उन्हीं की कंपनी से फाइनेंस पर लिया था। एजेंट के मुताबिक, उनकी फर्म ने फिलहाल ट्रक मालिक के दो वाहनों का फाइनेंस किया हुआ है।
मामला
बीते रविवार को ट्रक ने मारी थी पीड़िता की कार को टक्कर
बीते रविवार पीड़िता जेल में बंद अपने चाचा से मिलने रायबरेली जा रही थी।
इसी दौरान तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रक ने उसकी कार को टक्कर मार दी थी।
इस टक्कर में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई, जबकि पीड़िता और उसका वकील गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है।
साजिश के संकेत दे रही इस टक्कर को पुलिस एक हादसा मान रही है।
जानकारी
सुप्रीम कोर्ट ने दिया एक सप्ताह में जांच का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि CBI इस मामले की जांच एक सप्ताह में पूरी कर अपनी रिपोर्ट सौंपे। पीड़िता के परिवार का आरोप है कि इस टक्कर के पीछे आरोपी विधायक सेंगर का हाथ है।
कार्रवाई
भाजपा ने रेप के आरोपी विधायक सेंगर को पार्टी से निकाला
विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर पीड़िता के साथ रेप करने का आरोप है। इस मामले में सेंगर जेल में हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 45 दिनों में ट्रायल पूरा करने का आदेश दिया है।
उन्नाव रेप केस 2017 में सामने आया था, लेकिन भाजपा ने विधायक को पार्टी से निकालने में दो साल लगा दिए।
लगातार दबाव बढ़ने और मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच जाने के बाद पार्टी ने इसी सप्ताह सेंगर को पार्टी से निकाला है।
मुआवजा
उत्तर प्रदेश सरकार ने पीड़िता के परिवार को दिया 25 लाख का चेक
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को पीड़िता को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था। इंडिया टूडे के मुताबिक, राज्य सरकार ने 25 लाख रुपये का चेक पीड़िता के परिवार को सौंप दिया है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा को दिल्ली के तिहाड़ जेल में ट्रांसफर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले की भी जानकारी ली थी।