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केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

Jul 25, 2026
08:28 pm

क्या है खबर?

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य, सार्वजनिक वितरण और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार (25 जुलाई) को निवर्तमान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर इस नियुक्ति को अपनी औपचारिक मंजूरी दी है। बता दें कि प्रधान ने दिन में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के बीच इस्तीफा दे दिया था।

स्वीकार

राष्ट्रपति ने स्वीकार किया प्रधान का इस्तीफा

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रधानमंत्री मोदी की सलाह पर भारत के संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत प्रधान का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।

उसके बाद प्रधानमंत्री मंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति मुर्मू ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा विभागों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का प्रभार भी सौंप दिया जाए।

कामकाज

पूर्णकालिक शिक्षा मंत्री की नियुक्ति तक जोशी ही संभालेंगे कामकाज

रिपोर्ट के अनुसार, नए पूर्णकालिक शिक्षा मंत्री की नियुक्ति होने तक जोशी ही शिक्षा मंत्रालय का कामकाज देखेंगे। उनके पास विभिन्न विभागों को संभालने का अनुभव है।

प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्रालय को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।

हालांकि, राष्ट्रपति भवन की घोषणा के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि प्रधान के इस्तीफे के बाद भी शिक्षा मंत्रालय का कामकाज बिना किसी व्यवधान के जारी रहेगा।

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समर्थन

भाजपा ने दिया प्रधान को समर्थन

इससे पहले भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन भी धर्मेंद्र प्रधान के समर्थन में सामने आए थे।

उन्होंने प्रधान के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा था कि उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) समेत कई बड़े शिक्षा सुधारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भाजपा ने भी स्पष्ट किया है कि प्रधान ने देश और युवाओं के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए इस्तीफा दिया है और पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

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इस्तीफा

प्रधान ने छात्रों के विरोध के बीच दिया इस्तीफा

प्रधान ने शनिवार दोपहर में CJP के नेतृत्व में हो रहे छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शन को देखते हुए इस्तीफा दे दिया था। छात्र लगातार उनके इस्तीफे की मांग पर अडे़ हुए थे।

प्रधान ने इस्तीफा के साथ छात्रों के नाम एक भावुक पत्र लिखा और कहा कि भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे और वह करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेजा है।

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