उमर खालिद को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली 3 दिन की अंतरिम जमानत
सामाजिक कार्यकर्ता उमर खालिद को जेल से कुछ दिनों की राहत मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें 1 से 3 जून तक की अंतरिम जमानत दी है, ताकि वे अपनी मां की गांठ की सर्जरी के दौरान उनके साथ रह सकें। वे साल 2020 से दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में जेल में बंद हैं। इससे पहले, ज्यादा दिनों की जमानत के लिए दी गई उनकी अर्जी को निचली अदालत ने खारिज कर दिया था।
उमर खालिद ने ये दी दलील
खालिद ने कोर्ट को बताया कि उनके पिता 71 साल के हैं और सर्जरी के बाद अकेले मां की देखभाल नहीं कर पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले भी उन्होंने जमानत की सभी शर्तों का पूरी तरह पालन किया है। हालांकि, निचली अदालत ने कहा था कि उनकी दलीलें पर्याप्त नहीं थीं। सरकारी वकीलों ने तर्क दिया था कि यह एक छोटी सर्जरी है और परिवार के दूसरे सदस्य भी मदद के लिए मौजूद हैं। खालिद लगातार इस बात से इनकार करते रहे हैं कि CAA विरोधी प्रदर्शनों से जुड़े दंगों को आयोजित करने में उनकी कोई भूमिका थी।