आधार कार्ड को वैश्विक स्तर पर ले जाने की योजना, UIDAI ने की ये पहल
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) प्रवासी भारतीयों (NRIs) और भारत के विदेशी नागरिकों (OCIs) के लिए आधार को और ज्यादा सुलभ बनाने पर काम कर रहा है।
ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में UIDAI के CEO ने बताया कि वे आधार को अंतरराष्ट्रीय बनाने के लिए इंटरऑपरेबिलिटी और कानूनी/नीतिगत बदलावों पर काम कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इससे ज्यादा OCIs इस सिस्टम का इस्तेमाल कर पाएंगे और भारत में निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
NRIs को बायोमेट्रिक्स के लिए भारत आना होगा
UIDAI NRIs और OCIs के लिए आधार को और ज्यादा अंतरराष्ट्रीय बनाने की कोशिश में है। जिन NRIs के पास भारतीय पासपोर्ट है, उनके लिए आवेदन करना काफी सीधा है। उन्हें 182 दिनों तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है। लेकिन, बायोमेट्रिक्स के लिए उन्हें अभी भी भारत में किसी सेंटर पर जाना पड़ता है।
OCIs के लिए यह थोड़ा मुश्किल है। आवेदन करने से पहले उन्हें 182 दिनों तक भारत में रहना जरूरी है और उन्हें कुछ और दस्तावेज भी लाने पड़ते हैं। इन बदलावों का मकसद यह है कि पहचान की पुष्टि कहीं से भी आसानी से हो सके।