आधार कार्ड से हटेगा आपका 12 अंकों का नंबर? जानिए क्या-क्या होंगे नए बदलाव
क्या है खबर?
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) देश में पहचान पत्र का प्रमुख स्रोत बने आधार कार्ड में बड़े बदलाव करने पर विचार कर रहा है। UIDAI ने नया आधार ऐप लॉन्च किए जाने के बाद इस दिशा में कदम बढ़ाया है। इन बदलावों के बाद नए आधार कार्ड में केवल धारक की तस्वीर और एक QR कोड दिखाई देगा। इसी तरह नाम, पता, जन्मतिथि और 12 अंकों का आधार नंबर जैसी सभी संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह हटा दी जाएगी।
कारण
UIDAI क्यों कर रहा है यह बदलाव?
NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में तेजी से बढ़ रही सिम कार्ड धोखाधड़ी, अनधिकृत ऋण और आधार-सक्षम भुगतान प्रणाली (AEPS) से पैसों की निकासी जैसे आधार से संबंधित अपराधों को रोकने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। हालांकि, UIDAI की ओर से आधार कार्ड के नए डिजाइन के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, इसमें उपरोक्त बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
खास
नए आधार कार्ड में क्या होगा खास?
रिपोर्ट के अुनसार, नए आधार कार्ड में सामने की ओर एक QR कोड होने की उम्मीद है। उसमें आवश्यक विवरण होंगे और व्यक्तिगत डाटा का खुलासा किए बिना अधिकृत सत्यापन संभव हो सकेगा। कार्डधारक की तस्वीर प्राथमिक दृश्य पहचानकर्ता के रूप में काम करेगी। इसका मुख्य लाभ यह है कि संवेदनशील जानकारी छिपी रहेगी, जिससे कार्ड को प्रदर्शित करने या उसकी फोटोकॉपी करने पर उसके उजागर होने का खतरा बहुत कम हो जाएगा।
उद्देश्य
क्या है नया आधार कार्ड लाने का उद्देश्य?
नया आधार कार्ड लाने का उद्देश्य जालसाजों के लिए भौतिक प्रतियों से व्यक्तिगत विवरण निकालना अधिक कठिन बनाना है। QR आधारित सत्यापन की सुविधा मिलने से तत्काल, सहमति-आधारित प्रमाणीकरण संभव होगा, जो भारत के डिजिटल पहचान पारिस्थितिकी तंत्र का समर्थन करेगा। नए कार्ड के स्वरूप के अधिक साफ-सुथरा और आधुनिक होने की संभावना है, जिसमें धारक की तस्वीर, सरकारी प्रतीक चिन्ह और QR कोड को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
पुनर्गठन
आधार के पुनर्गठन पर UIDAI का क्या कहना है?
UIDAI ने नए बदलाव के लिए कोई आधिकारिक पुष्टि या समय सीमा जारी नहीं की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आधिकारिक UIDAI ऐप्स या अधिकृत टूल्स के साथ संगत QR कोड को स्कैन करने से एन्क्रिप्टेड जानकारी केवल सत्यापित संस्थाओं को ही दिखाई देगी। फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक, इससे होटलों, कार्यालयों, कार्यक्रमों या अन्य स्थानों पर कार्ड की फोटोकॉपी करने या उन्हें सुरक्षित रखने से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी।
चिंता
पहले भी उठाई जा चुकी है गोपनीयता संबंधी चिंताएं
यह पहली बार नहीं है जब UIDAI ने कार्डधारकों की गोपनीयता संबंधी चिंताओं को उठाया है। पिछले साल, UIDAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भुवनेश कुमार ने ऑफलाइन सत्यापन से दुरुपयोग को रोकने के लिए फोटो और QR कोड प्रारूप पर विचार करने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि आधार का उपयोग मुख्य रूप से प्रमाणीकरण सत्यापन के लिए किया जाना चाहिए, न कि सार्वजनिक रूप से साझा किए जाने वाले दस्तावेज के रूप में।
विचार
कैसे आया नए आधार कार्ड का विचार?
नए आधार कार्ड का प्रस्ताव mAadhaar की जगह एक नए रूप में प्रस्तुत किए गए आधार मोबाइल ऐप के माध्यम से QR-ग्राम आधारित और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को बढ़ावा देने के चल रहे प्रयासों के हिस्से के रूप में विचाराधीन है। मौजूदा कार्डधारक संभवतः अपने मौजूदा कार्डों का उपयोग जारी रख सकेंगे। नए नामांकन और अपडेट के लिए नया डिजाइन धीरे-धीरे पेश किया जाएगा। इससे आने वाले समय में सभी लोगों के पास नया कार्ड पहुंच जाएगा।
सुविधा
नया आधार ऐप में क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं?
वाणिज्य और उद्योग के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने हाल ही में नए आधार ऐप का शुभारंभ किया। यह नया ऐप उपयोगकर्ताओं को अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखने, साझा करने और सत्यापित करने के लिए एक सुरक्षित मंच प्रदान करता है। यह उपस्थिति के प्रमाण के लिए चेहरे का प्रमाणीकरण, बायोमेट्रिक लॉक और अनलॉक, प्रमाणीकरण इतिहास तक पहुंच और सुविधाजनक जानकारी साझा करने के लिए QR-आधारित संपर्क कार्ड जैसी सुविधाओं को सक्षम बनाता है।
अन्य
आधार ऐप में और क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं?
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह ऐप ऑफलाइन सत्यापन चाहने वाली संस्थाओं (OVSE) द्वारा QR कोड स्कैनिंग के माध्यम से होटल चेक-इन की सुविधा देता है। यह सिनेमा टिकट बुकिंग के लिए वैकल्पिक चेहरे की पुष्टि, आयु सत्यापन, आगंतुकों और परिचारकों के लिए अस्पताल में भर्ती, गिग वर्कर्स और सेवा भागीदारों के सत्यापन सहित कई अन्य उपयोग मामलों की भी अनुमति देता है। ऐप की एक प्रमुख विशेषता चयनात्मक पहचान साझाकरण है।