UGC नियम पर शुरू हंगामे के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बोले- कोई भेदभाव नहीं होगा
क्या है खबर?
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम 2026 को लेकर देशभर में विरोध बढ़ता जा रहा है। इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान आया है। प्रधान ने मंगलवार को आश्वासन दिया कि UGC 2026 के नियमों का निष्पक्ष कार्यान्वयन होगा और किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने मीडिया से कहा कि किसी का उत्पीड़न नहीं किया जाएगा और न ही कोई कानून का दुरुपयोग कर सकता है।
बयान
क्या बोले प्रधान?
प्रधान ने कहा, "मैं विनम्रता से आश्वस्त करना चाहता हूं कि किसी का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा और न ही किसी का भेदभाव होगा। भेदभाव के नाम पर किसी को कानून के दुरुपयोग का अधिकार नहीं हो, ये UGC, भारत सरकार और राज्य सरकार का दायित्व होगा। भारत में कुछ भी व्यवस्था हो, वो भारतीय संविधान के परिधि में होगी। ये व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में आई है। मैं आश्वस्त करता हूं कि किसी पर अत्याचार नहीं होगा।"
ट्विटर पोस्ट
धर्मेंद्र प्रधान का बयान
#WATCH | On new regulation of UGC, Union Education Minister Dharmendra Pradhan says," I assure everyone there will be no discrimination and no one can misuse the law." pic.twitter.com/0ZRgWaU76H
— ANI (@ANI) January 27, 2026
विवाद
क्या है UGC के नए नियम को लेकर विवाद?
UGC ने 13 जनवरी को उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव को रोकने के लिए 'उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने संबंधी विनियम 2026' लागू किया है, जिसका विरोध हो रहा है। कहा जा रहा है कि नियम में सामान्य वर्ग के छात्रों को स्वघोषित अपराधी घोषित कर दिया गया और झूठी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी, जबकि पहले के नियम में जुर्माने का प्रावधान था। आरोप है कि नियम से समानता समेत कई अधिकारों का उल्लंघन होगा।