21 साल में 20 तबादले झेल झुके अधिकारी को मिली महाराष्ट्र FDA की कमान, रेस्टोरेंट-मेडिकल स्टोर्स पर लगातार छापे
तुकाराम मुंडे, जो 2005 बैच के IAS अधिकारी हैं और अपनी बेदाग छवि के लिए जाने जाते हैं, ने मई 2026 में महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) का कार्यभार संभाला। भले ही उनके बार-बार तबादले चर्चा का विषय रहे हैं, लेकिन उन्होंने पद संभालते ही मिलावटखोरी और नकली दवाओं के खिलाफ एक कड़ा अभियान छेड़ दिया है। उनके नेतृत्व में FDA की इस कार्रवाई से कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं, जिसके बाद पूरे राज्य में खाने-पीने की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गई है।
महाराष्ट्र FDA छापेमारी: मिलावट और नकली दवाओं का खुलासा
मुंडे की अगुवाई में FDA ने मुंबई के मशहूर भोजनालयों जैसे नूर मोहम्मदी, शालिमार, रहमानी और के रुस्तम एंड कंपनी के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। पहले 3 भोजनालयों पर गंदगी के गंभीर आरोप लगे थे, वहीं के रुस्तम एंड कंपनी में तो हालात और भी बदतर मिले – वहां जीवित चूहे, मक्खियां और एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद तक पाए गए।
यह सख्ती केवल मुंबई तक ही सीमित नहीं रही। मुंबई से बाहर की गई छापेमारी में मिलावटी दूध, नकली दवाएं (जैसे नकली ऐसीलोक टैबलेट) और असुरक्षित ब्लड स्टोरेज सेंटर भी पकड़े गए हैं। मुंडे की इस जीरो-टॉलरेंस नीति की वजह से उनकी पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में तेजी से बन रही है, जो जन स्वास्थ्य से किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं करता।