अरुणाचल प्रदेश में 7 ग्लेशियर झीलों से भयानक बाढ़ का खतरा, बचाव की ट्रेनिंग में जुटे लोग
अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में कम से कम 7 ऐसी ग्लेशियर झीलें हैं, जिनके फटने से बड़ी बाढ़ आने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सभी लोगों को सुरक्षित रखने के लिए, आपदा दल स्थानीय निवासियों और सेना के जवानों के साथ जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि लोग इन खतरों को समझें और किसी भी आपात स्थिति में उन्हें क्या करना है, यह जान सकें।
तवांग में आपदा दल GLOF के जोखिमों पर दे रहे हैं जानकारी
इन कार्यक्रमों में स्थानीय समुदायों को बताया जा रहा है कि ये खतरनाक झीलें कहां-कहां हैं, 'ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड' (GLOF) कैसे आती है और किसी भी खतरे की स्थिति में तेजी से जगह खाली करना (इवैक्यूएशन) क्यों जरूरी है।
वरिष्ठ सलाहकार डॉ. भूपेन मिली GLOF के पीछे के विज्ञान को आसान भाषा में समझा रहे हैं, वहीं SDMA के उप निदेशक दोरजी खांडू बेहतर शुरुआती चेतावनी प्रणालियों पर जोर दे रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग तुरंत कार्रवाई कर सकें। इसके अलावा, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) स्थानीय लोगों को फर्स्ट एड और बचाव के बुनियादी तरीके भी सिखा रहा है, जिससे इलाके की तैयारी और मजबूत हो सके।