अमेरिका में टेक कंपनियों पर गाज, H-1B वीजा धारकों के लिए आई बड़ी राहत
अमेरिकी श्रम विभाग ने अपनी ग्रीन कार्ड (PERM) योजना से कई टेक्नोलॉजी कंपनियों को फिलहाल बाहर कर दिया है। उनका कहना है कि इन कंपनियों पर इस योजना के गलत इस्तेमाल के आरोपों की जांच चल रही है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस मामले पर ध्यान दिया है। हालांकि, मंत्रालय ने साफ किया है कि इस फैसले का असर उन लोगों पर नहीं पड़ेगा जिनके पास पहले से H-1B वीजा है या जो अभी अमेरिका में काम कर रहे हैं। तो अगर आपके पास H-1B वीजा है, तो अभी आपको घबराने की जरूरत नहीं है।
अमेरिका कर रहा है कंपनियों के वीजा इस्तेमाल की जांच
माइक्रोसॉफ्ट, एडोब, इंफोसिस, TCS और विप्रो जैसी कई बड़ी कंपनियों के नाम इस जांच में शामिल हैं। अमेरिका का कहना है कि इन कंपनियों ने रोजगार-आधारित वीजा पर बहुत ज्यादा भरोसा किया है। साल 2009 से अब तक इन्होंने करीब 30 लाख विदेशी कर्मचारियों की मांग की है। फिलहाल इन पर यह जांच चल रही है कि कहीं इन्होंने अमेरिकी कर्मचारियों की जगह विदेशी कर्मचारियों को तो नौकरी नहीं दी। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया है कि दोनों देशों के बीच प्रतिभाओं का आदान-प्रदान असल में नए आइडियाज को बढ़ावा देता है। यह दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी फायदेमंद है।