मेघालय सरकार ने सोनम रघुवंशी की जमानत को दी चुनौती, सुपीम कोर्ट में होगी सुनवाई
मेघालय सरकार ने सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को चुनौती दी है। सोनम पर हनीमून के दौरान अपने पति की हत्या करने का आरोप है। इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। मामले में एक बड़ा मोड़ तब आया, जब पता चला कि सोनम को जमानत इसलिए मिली क्योंकि गिरफ्तारी मेमो में एक गलती हो गई थी। मेमो में गलत कानूनी धारा लिखी गई थी। अब कोर्ट तय करेगा कि क्या ऐसी मामूली गलती किसी गंभीर अपराध में आरोपी को रिहा करने के लिए काफी है।
सोहरा के पास मिला था राजा रघुवंशी का शव
राजा रघुवंशी का शव जून 2025 में सोहरा के पास मिला था। सोनम के साथ वह भी लापता हो गए थे। पुलिस का कहना है कि सोनम ने पैसों के लिए अपने पति की हत्या की सुपारी दी थी। हालांकि, 29 जून 2025 को मेघालय हाई कोर्ट ने प्रक्रियात्मक खामियों और कानूनी धाराओं के भ्रम के कारण उनकी जमानत को सही ठहराया था। कोर्ट ने बताया कि गिरफ्तारी मेमो में भारतीय न्याय संहिता की धारा 403 और हत्या से संबंधित धारा 103(1) के बीच 'मिक्स-अप' हो गया था। सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने इसे एक साधारण 'क्लर्कियल गलती' बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की दोबारा जांच करने की अपील की है। अब सुप्रीम कोर्ट के जज इस मुद्दे को एक बड़ी बेंच के पास भेजने पर भी विचार कर रहे हैं, ताकि इस पर और गहराई से बहस हो सके।