देशभर में 49,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के चालान लोगों ने नहीं भरे, सुप्रीम कोर्ट सख्त
देश में अब तक करीब 49,194.05 करोड़ रुपये के ई-चालान का भुगतान नहीं हुआ है। ये ऐसे डिजिटल ट्रैफिक चालान हैं, जिन्हें लोगों ने अभी तक नहीं चुकाया है। यह रकम 7 हाईवे प्रोजेक्ट बनाने में आने वाले कुल खर्च से भी कहीं ज्यादा है और 8 राज्यों के पूरे साल के बजट से भी ज्यादा है।
इस बात से सुप्रीम कोर्ट नाराज है और उसने सभी राज्यों से कहा है कि वे इस पर सख्ती बरतें।
कोर्ट ने साफ किया है कि अगर किसी पर ई-चालान का बकाया है, तो उसकी गाड़ी से जुड़ी कई सेवाएं रोक दी जा सकती हैं। यहां तक कि उसकी गाड़ी को परिवहन पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
कर्नाटक के सरकारी वाहनों पर 19.24 करोड़ रुपये बकाया
अब अगर कोई अपना ई-चालान का जुर्माना नहीं चुकाता है, तो उसे गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराने या प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवाने जैसी कई सेवाओं से वंचित रहना पड़ेगा। ये काम तब तक नहीं हो पाएंगे जब तक जुर्माना नहीं भर दिया जाता।
बकाया ई-चालान की यह रकम इतनी बड़ी है कि यह कुछ बड़े हाईवे प्रोजेक्ट के खर्च या कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा है। कुछ राज्यों में यह समस्या और भी गंभीर है। जैसे, अकेले कर्नाटक के सरकारी वाहनों पर ही करीब 19.24 करोड़ रुपये का बकाया है। वहीं, हैदराबाद में तो 77 प्रतिशत चालान का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है।
इस बीच, चेन्नई जैसे शहर लोगों की मदद के लिए खास केंद्र भी बना रहे हैं ताकि वे आसानी से अपने चालान का भुगतान कर सकें।