सुप्रीम कोर्ट का सरकार और चुनाव आयोग से तीखा सवाल, पूछा- चुनाव आयुक्तों की क्यों दी गई खास कानूनी सुरक्षा?
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और चुनाव आयोग से पूछा है कि एक नए कानून के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और दूसरे चुनाव आयुक्तों को खास कानूनी सुरक्षा क्यों दी गई है। लोकतांत्रिक सुधारों के लिए काम करने वाले संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने कहा है कि 2023 के कानून की धारा 16 इन अधिकारियों को हद से ज्यादा छूट देती है, जिसके कारण अगर उनसे कोई गलती हो जाती है, तो उन्हें जवाबदेह ठहराना मुश्किल होगा।
सुप्रीम कोर्ट धारा 16 से जुड़ी याचिकाओं पर करेगा सुनवाई
धारा 16 के मुताबिक, मौजूदा या पूर्व CEC और अन्य चुनाव आयुक्तों के खिलाफ कोई भी दीवानी या फौजदारी केस नहीं चलाया जा सकता, अगर वे अपने सरकारी कामकाज के दौरान या कथित रूप से काम करते हुए कोई कदम उठाते हैं, बात कहते हैं या कोई हरकत करते हैं। आलोचकों को लगता है कि यह धारा उन्हें बेखौफ होकर काम करने की छूट देती है और उन्हें किसी अंजाम का डर नहीं रहेगा। सुप्रीम कोर्ट इन याचिकाओं पर 29 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट यह भी देखेगा कि हमारा चुनाव आयोग कितना स्वतंत्र है और कितना जवाबदेह है।