सार्वजनिक जगह हमेशा 'बंद' नहीं रह सकती, सुप्रीम कोर्ट केंद्र से मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। दरअसल, व्यापारी संगठनों ने दिवाली के दौरान रामलीला मैदान में होने वाले CEC विरोधी प्रदर्शनों को लेकर अपनी चिंता जताई थी।
व्यापारियों का कहना है कि त्योहारों की भीड़भाड़ के समय ये प्रदर्शन उनके कारोबार को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
अदालत ने साफ कहा है कि प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक जगहों पर हमेशा कब्जा नहीं जमाया जा सकता। खासकर तब जब दूसरे लोगों को भी उन जगहों की ज़रूरत हो।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनों के लिए समय तय करने को कहा
अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदर्शनों के लिए एक तय समय होना चाहिए। ऐसा होने से किसान, पत्रकार और स्थानीय दुकानदार जैसे सभी लोग सार्वजनिक जगहों का सही तरीके से इस्तेमाल पाएंगे। यह मामला असल में लोगों के अपनी बात रखने के अधिकार और इस बात के बीच संतुलन बनाने का है कि दिवाली जैसे त्योहारों पर उन लोगों की रोजी-रोटी में कोई रुकावट न आए जो कमाई करना चाहते हैं।