TMC सांसद से जुड़े घोटाले की धीमी जांच पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CBI-ED को फटकारा और मांगा ब्यौरा
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को 'लीप्स एंड बाउंड्स' नाम की एक कंपनी की जांच में ढिलाई बरतने पर कड़ी फटकार लगाई है।
आरोप है कि यह कंपनी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़ी है। यह कंपनी स्कूल भर्ती घोटाले में फंसी हुई है और यह भी आरोप है कि एक पार्टी के खाते से 30 करोड़ रुपये 'लीप्स एंड बाउंड्स' में ट्रांसफर हुए थे।
कोर्ट ने सुमित रॉय से हुई पूछताछ के ब्यौरे मांगे
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और उनकी टीम जांच की इस धीमी गति से बिल्कुल खुश नहीं हैं।
इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट के जजों ने भी इस मामले में अपनी चिंता जताई थी। सॉलिसिटर जनरल चाहते हैं कि अभिषेक बनर्जी के एक सहयोगी सुमित रॉय से हिरासत में पूछताछ की जाए, जिन पर जमीन से जुड़े संदिग्ध सौदों का आरोप है। हालांकि, रॉय के वकील ने बताया है कि उनके मुवक्किल ने 11 दिनों तक जांच एजेंसियों का सहयोग किया है।
अब कोर्ट ने पश्चिम बंगाल पुलिस को आदेश दिया है कि वे 7 सितंबर तक रॉय से हुई पूछताछ का पूरा ब्यौरा दें। कोर्ट ने कहा, "जब हम कोई ऐसा मामला देखते हैं, तो अदालत का काम एक निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना होता है।"