दिल्ली में अवैध PG और धंधों पर SC का बड़ा इशारा, सत्य निकेतन मामले पर हाई कोर्ट ही करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने सत्य निकेतन में इमारत ढहने के मामले को अपने हाथ में लेने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि दिल्ली हाई कोर्ट इस मामले में पहले से ही अच्छी तरक्की कर रहा है। 10 सितंबर को जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर महादेवन ने कोर्ट द्वारा नियुक्त न्याय मित्र सीनियर वकील अजीत कुमार सिन्हा की इस राय से सहमति जताई कि हाई कोर्ट ही इस पर लगातार नजर रखे।
कोर्ट ने अवैध धंधों और भीड़भाड़ वाले PG का किया जिक्र
कोर्ट चाहता है कि इस मामले में तेजी से काम हो और वह मौजूदा व्यवस्था को बिगाड़ना नहीं चाहती। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के रिहायशी इलाकों में चल रहे अवैध धंधों और भीड़भाड़ वाले पेइंग गेस्ट (PG) को लेकर भी अपनी चिंता जताई। अब तक की जानकारी में सामने आया है कि लाजपत नगर और सरोजिनी नगर में कई अवैध ढांचों को गिराया गया है। इस मामले पर अगली सुनवाई 15 सितंबर को तय की गई है। इस दौरान अधिकारी अब तक की अपनी कार्रवाई का ब्यौरा कोर्ट में पेश करेंगे।