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डोनाल्ड ट्रंप का पुतिन से बातचीत के बाद दावा, कहा- शांति समझौता चाहते हैं रूसी राष्ट्रपति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात करने के बाद किया बड़ा दावा

डोनाल्ड ट्रंप का पुतिन से बातचीत के बाद दावा, कहा- शांति समझौता चाहते हैं रूसी राष्ट्रपति

Sep 10, 2026
11:33 am

क्या है खबर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर हुई एक घंटे लंबी बातचीत के बाद बड़ा दावा किया है। डलास में रिपब्लिकन कन्वेंशन के लिए रवाना होने से पहले ट्रंप ने कहा कि पुतिन अब रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता करना चाहते हैं। ट्रंप ने कहा कि यदि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की भी इसके लिए तैयार हो जाते हैं, तो यह पूरी दुनिया के लिए बहुत अच्छा होगा।

कारण

ट्रंप ने बताया क्यों नहीं रुक रहा युद्ध

ट्रंप के अनुसार, इस 4 साल पुराने युद्ध को समाप्त करने और शांति समझौता होने के बीच सबसे बड़ी रुकावट 2 नेताओं की आपसी दुश्मनी है।

ट्रंप ने कहा, "इस शांति समझौते के रुकने की सबसे बड़ी वजह दो ऐसे लोग हैं जो एक-दूसरे से बेहद नफरत करते हैं।"

उनका इशारा सीधे तौर पर पुतिन और जेलेंस्की की ओर था।

ट्रंप का मानना है कि इस व्यक्तिगत नफरत के कारण ही दोनों देश पीछे नहीं हट रहे हैं।

प्रयास

अमेरिका के खुफिया और राजनयिक प्रयास

इस फोन कॉल से ठीक पहले अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जारेड कुश्नर ने मॉस्को और कीव का दौरा किया था।

उन्होंने पुतिन और जेलेंस्की दोनों से मुलाकात कर युद्ध खत्म करने के प्रस्तावों पर चर्चा की थी।

इसके अलावा, पिछले महीने CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने भी मॉस्को में खुफिया अधिकारियों से मुलाकात की थी।

हालांकि, अमेरिकी और यूरोपीय खुफिया एजेंसियाें को अभी भी पुतिन की नीयत पर संदेह है।

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प्रतिक्रिया

रूस ने भी बातचीत को बताया सकारात्मक

रूसी राष्ट्रपति कार्यालय (क्रेमलिन) के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने इस बातचीत को रचनात्मक और स्पष्ट बताया है।

उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान ट्रंप ने साफ किया कि वह जितनी जल्दी हो सके इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं।

वहीं पुतिन ने ट्रंप को युद्ध के मैदान की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया।

क्रेमलिन ने इस राजनयिक संपर्क को सकारात्मक माना है और उम्मीद जताई है कि वाशिंगटन युद्ध रोकने में मदद करेगा।

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