सुप्रीम कोर्ट से CJP से जुड़े छात्रों को बड़ी राहत, रद्द की सभी FIR
सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर दर्ज FIR रद्द कर दी हैं। उस दिन करीब 30,000 लोग इकट्ठे हुए थे, जो बेहतर शिक्षा नीतियों की मांग कर रहे थे और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठा रहे थे। कोर्ट ने पहले ही 20 से 25 जुलाई के दौरान दर्ज सभी FIR को रद्द कर दिया था, लेकिन तब आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की FIR को इससे बाहर रखा गया था।
छात्रों को बचाने के लिए FIR रद्द कीं- CJI
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने बताया कि इस कदम का मकसद युवा छात्रों को लंबी अदालती प्रक्रियाओं से बचाना और उनके भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अदालतों को यह सोचना चाहिए कि ऐसे मामलों का परिवारों पर भी कितना गहरा असर पड़ता है। जजों ने बताया कि उन्होंने हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में भी इसी तरह का फैसला सुनाया था, और इसी को अपने इस फैसले का आधार बताया। इसके साथ ही कोर्ट ने एक पुनर्विचार याचिका को भी खारिज कर दिया। इस याचिका में आर्टिकल 142 (अनुच्छेद 142) के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए थे। इस कदम से साफ होता है कि कोर्ट छात्र प्रदर्शनकारियों को राहत देना चाहता है।