सुप्रीम कोर्ट ने असम में नागरिकता से जुड़े फैसलों को निष्पक्ष बनाने के लिए हस्तक्षेप, उठाया यह कदम
सुप्रीम कोर्ट ने असम में नागरिकता से जुड़े फैसलों को निष्पक्ष बनाने के लिए खुद हस्तक्षेप किया है। सोमवार को अदालत ने 5 लोगों को विदेशी ठहराने वाले पिछले फैसलों को पलट दिया। सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसले इसलिए पलटे, क्योंकि उनके पुराने दस्तावेजों में स्पेलिंग जैसी छोटी-मोटी गलतियां थीं। अदालत ने साफ किया कि जब तक इन मामलों की नए सिरे से पूरी जांच नहीं हो जाती और असली सबूतों पर गौर नहीं किया जाता, तब तक किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
याचिकाकर्ताओं को तकनीकी खामियों के बिना मिलेगी नई सुनवाई
अब याचिकाकर्ताओं को ट्रिब्यूनल के सामने अपनी नागरिकता साबित करने का एक और मौका मिलेगा और इस बार उन्हें सिर्फ तकनीकी खामियों की वजह से नहीं रोका जाएगा। न्यायाधीशों ने साफ कहा कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और न्यायपूर्ण होनी चाहिए। असम की नागरिकता पर चल रही बहस पर नजर रख रहे लोगों के लिए यह एक अहम सबक है। इससे जाहिर होता है कि किसी भी मामले में सही कानूनी प्रक्रिया का पालन करना कितना जरूरी होता है।