सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका, गलत NSA हिरासत पर उत्तर प्रदेश सरकार देगी 10 लाख रुपये का हर्जाना
सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2024 में हुई संभल हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए मुल्ला अफरोज की निवारक हिरासत को रद्द कर दिया है। जजों ने साफ किया कि स्थानीय अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत जो हिरासत का आदेश जारी किया था, वह तय नियमों के हिसाब से नहीं था। इस फैसले के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार को 10 लाख रुपये का हर्जाना देना पड़ेगा।
अफरोज को कथित जबरन कबूलनामे के आधार पर हुई थी जेल
अफरोज को जेल में कथित तौर पर जबरन कबूलनामे और कमजोर सबूतों के आधार पर रखा गया था। उनके वकील ने बताया था कि उनसे जबरदस्ती बयान लिए गए थे। सबूतों में एक हथियार का दावा भी शामिल था, जिसकी ठीक से जांच नहीं की गई थी। अफरोज की तरफ से राज्य और केंद्र सरकारों को दी गई अर्जियों को पहले ही खारिज कर दिया गया था। साथ ही इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी उन्हें कोई राहत नहीं दी थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल दिया और यह साफ कर दिया कि किसी भी व्यक्ति को सही कानूनी प्रक्रिया के बिना हिरासत में रखना सही नहीं है। यह फैसला हमें याद दिलाता है कि मुश्किल हालात में भी लोगों के बुनियादी अधिकार और सही कानूनी जांच-पड़ताल बहुत मायने रखती है।