सुप्रीम कोर्ट का निकोबार मेगा प्रोजेक्ट पर बड़ा आदेश, 92,000 करोड़ के विवाद पर हाई कोर्ट करेगा त्वरित सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह 92,000 करोड़ रुपये के ग्रेट निकोबार द्वीप प्रोजेक्ट को चुनौती देने वाले मामले की सुनवाई जल्द से जल्द करे। पूर्व IAS अधिकारी मीना गुप्ता के नेतृत्व वाली याचिका में कहा गया है कि यह प्रोजेक्ट शोम्पेन और निकोबारी जैसी स्वदेशी जनजातियों को खतरे में डाल रहा है। कोर्ट ने साफ कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरी है, लेकिन आदिवासियों के अधिकारों और उनकी संस्कृति की रक्षा करना भी उतना ही अहम है।
मीना गुप्ता का कहना है कि आदिवासी आवाजों को अनसुना किया गया
गुप्ता का तर्क है कि अधिकारियों के दावों के बावजूद, इस प्रोजेक्ट को मंजूरी देने से पहले आदिवासियों की बातों पर सही से ध्यान नहीं दिया गया। आदिवासी और पर्यावरण से जुड़े मामलों की विशेषज्ञ होने के नाते और यह जानते हुए कि इन समुदायों के पास विरोध करने के ज्यादा तरीके नहीं हैं। हाई कोर्ट इस बात की समीक्षा करने पर सहमत हो गया है कि क्या वन अधिकार अधिनियम जैसे कानूनों का पालन हुआ था। यह मामला भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए एक बड़ी मिसाल बन सकता है। इससे तय होगा कि कैसे विकास के साथ-साथ आदिवासियों के अधिकारों और पर्यावरण की देखभाल के बीच संतुलन बनाया जाए।