घटती प्रजनन दर: सुप्रीम कोर्ट ने '2 बच्चों' के नियम पर फिर उठाया सवाल, क्या खत्म होगा कानून?
भारत का सुप्रीम कोर्ट उन कानूनों पर फिर से विचार कर रहा है जिनके तहत 2 से ज्यादा बच्चे होने पर परिवारों को दंडित किया जाता है। यह विचार ऐसे समय में हो रहा है जब देश की प्रजनन दर 3 से घटकर 1.9 हो गई है।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने बताया कि ये नियम उस समय बनाए गए थे जब अधिक आबादी एक बड़ी चिंता थी, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। उनके मुताबिक, भारत की प्रजनन दर इतनी कम हो गई है कि देश जल्द ही जनसांख्यिकीय बदलाव से गुजररेगा, जहां बुजुर्गों की आबादी ज्यादा होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रजनन अधिकारों और चुनाव लड़ने की मंजूरी पर चिंता जताई
कोर्ट ने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि ये नियम लोगों के प्रजनन अधिकारों पर असर डाल सकते हैं और उन्हें चुनाव लड़ने से भी रोक सकते हैं। इसकी वजह से लोगों के सामने यह दुविधा आ जाती है कि वे अपने परिवार का आकार चुनें या फिर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी बनाए रखें।
अब इस मामले को एक बड़ी पीठ के पास भेज दिया गया है, ताकि नए सिरे से यह देखा जा सके कि क्या 2 बच्चों के नियम को आज भी जारी रखना चाहिए और क्या इसके आधार पर यह तय होना चाहिए कि कौन राजनीति में हिस्सा ले सकता है।