सुप्रीम कोर्ट ने AI के इस्तेमाल को लेकर जारी दिशानिर्देशों पर 15 जुलाई तक मांगे सुझाव
सुप्रीम कोर्ट ने 3 जून एक मसौदा जारी किया है। इसमें बताया गया है कि देश की अदालतों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किस तरह से हो सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य AI को रोजमर्रा के काम, जैसे नोट्स तैयार करना और अनुवाद करना सौंपना है। इससे मामलों की सुनवाई तेजh से हो सकेगी और लोगों तक न्याय पहुंचना भी आसान हो जाएगा। हालांकि, बड़े फैसले हमेशा इंसानों के हाथ में ही रहेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव मांगे, सुरक्षा उपाय भी बताए
कोर्ट ने इन नियमों पर 15 जुलाई तक सभी से सुझाव मांगे हैं। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि ये बदलाव हर अदालत की जरूरतों के हिसाब से धीरे-धीरे लागू किए जाएंगे। इसके लिए कुछ कड़े नियम भी बनाए गए हैं। AI को ट्रेनिंग के लिए किसी की भी निजी जानकारी इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी और वह जमानत जैसे बड़े कानूनी फैसले नहीं ले पाएगा। अगर आपके मामले में AI की मदद ली जाती है, तो आपको इसके बारे में पहले ही बता दिया जाएगा।