सुप्रीम कोर्ट के निशाने पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया, उठाए गंभीर सवाल
सुप्रीम कोर्ट अब इस बात पर फिर से विचार कर रहा है कि क्या बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को लॉ कॉलेजों का नियमन करना चाहिए, या यह जिम्मेदारी कानूनी जानकारों और शिक्षकों को सौंपनी बेहतर होगी।
जजों ने सुझाव दिया है कि BCI को शायद तभी हस्तक्षेप करना चाहिए जब वकील अपना लाइसेंस प्राप्त कर लें। इस बात से यह बड़ा सवाल उठता है कि भारत में कानूनी शिक्षा की दिशा कौन तय करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने BCI के फंड ट्रांसफर की जांच शुरू की
कोर्ट ने BCI और कुछ खास ट्रस्टों के संबंधों पर भी गौर किया है। खास तौर पर उन नए लॉ कॉलेजों से जुड़े फंड ट्रांसफर और नियमों में बदलाव के मामलों पर अदालत ने ध्यान दिया है।
इसके अलावा, BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा का बढ़ाया गया कार्यकाल भी जांच के दायरे में है।
फिलहाल, BCI को कोई भी नीतिगत फैसला लेने के लिए भारत के अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल से सलाह-मशविरा करना होगा, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। कोर्ट ने BCI से दो हफ्ते के भीतर जवाब देने को कहा है।