शुरुआती व्यभिचार साबित तो पत्नी को नहीं मिलेगा अंतरिम गुजारा भत्ता- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक बड़ा और अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर किसी पत्नी पर शुरुआती तौर पर यह साबित हो जाता है कि वह व्यभिचार में लिप्त है, तो उसे आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125(4) के तहत अंतरिम गुजारा भत्ता देने से इनकार किया जा सकता है।
जजों ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे आरोप यदि ठोस शुरुआती सबूतों पर आधारित हों, तो उन्हें मामले के अंत तक खींचने के बजाय जल्द से जल्द सुलझाया जाना चाहिए।
जज बोले- इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के लिए बनें सख्त कानून
कोर्ट यह भी चाहता है कि ऐसे दावों का गलत इस्तेमाल न हो और असली मामलों में न्याय मिल सके। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक सबूत, जैसे मैसेज या रिकॉर्डिंग, तभी मान्य होंगे जब वे कानूनी नियमों का सख्ती से पालन करें।
इसके अलावा, चूंकि वैवाहिक विवादों में आजकल प्राइवेट जासूसों और नई तकनीक का इस्तेमाल बढ़ गया है, इसलिए जजों ने कहा कि निजता और सबूतों से जुड़े मसलों को बेहतर ढंग से सुलझाने के लिए नए कानून बनाए जाने चाहिए।