सुप्रीम कोर्ट के फैसले: विजयन परिवार को बड़ी राहत, मतदाताओं को मिला नेताओं की शिकायत का अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके परिवार के खिलाफ चल रही रिश्वतखोरी की जांच पर रोक लगा दी है। यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और वीना टी की कंपनी एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़ा है।
हालांकि, उनके खिलाफ दर्ज हुई FIR अभी भी कायम है, लेकिन फिलहाल इस मामले में आगे कोई जांच नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला केरल हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद आया है, जिसमें CMRL और एक्सलॉजिक के बीच हुए संदिग्ध भुगतानों को लेकर सवाल उठाए गए थे।
मतदाता अब दर्ज करा सकते हैं आपराधिक शिकायतें
अदालत ने मतदाताओं के लिए नेताओं को चुनौती देना भी आसान बना दिया है। अब कोई भी मतदाता आपराधिक शिकायत दर्ज करा सकता है, अगर किसी उम्मीदवार ने अपने चुनाव हलफनामे में गलत जानकारी दी हो।
इसके अलावा, सभी राज्यों को 4 महीने के भीतर वेटलैंड्स की आधिकारिक तौर पर पहचान करनी होगी। यह फैसला पर्यावरण संरक्षण को बुनियादी अधिकारों से जोड़ता है। इस मामले पर अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को तय की गई है।
इस दौरान आंध्र प्रदेश राज्य चुनाव आयोग और पुलिस महानिदेशक से अनुपालन रिपोर्ट पेश करने की उम्मीद है। इसका मकसद देश भर में चुनावों को और स्वच्छ बनाना है।