UAPA के बावजूद सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, 8 साल से जेल में बंद आतंकी फंडिंग आरोपी को राहत
सुप्रीम कोर्ट ने UAE के बिजनेसमैन नवल किशोर कपूर को जमानत दे दी है। कपूर 2018 से जेल में बंद थे और उन पर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को पैसे मुहैया कराने का आरोप था।
अदालत ने उनकी उम्र और पिछले 8 साल से ज्यादा समय से जेल में रहने के तथ्य पर गौर किया। साथ ही, कोर्ट ने यह भी पाया कि मुकदमे की सुनवाई बहुत धीमी गति से चल रही है और अभी भी कई गवाहों की गवाही होनी बाकी है।
कपूर पर करोड़ों भेजने का आरोप
कपूर पर आरोप है कि उसने लश्कर-ए-तैयबा के हाफिज सईद और कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर काम किया। उसने 2013 से 2016 के दौरान 22 किस्तों में दुबई से NJ इंटरनेशनल FZC के जरिए 2.24 करोड़ और वटाली को 5.57 करोड़ रुपये भेजे थे।
जांच एजेंसियों का कहना है कि इन पैसों का इस्तेमाल विरोध प्रदर्शनों और अशांति फैलाने के लिए किया गया। हालांकि, UAPA जैसे कड़े आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत जमानत मिलना मुश्किल होता है, इसके बावजूद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अगर कपूर सुनवाई में देरी करने की कोशिश करते हैं, तो अभियोजन पक्ष और निचली अदालत इस आदेश को वापस लेने की मांग कर सकते हैं।